मकरही के प्राथमिक विद्यालय में कूड़े का अंबार, गैस चैंबर बने क्लासरूम में पढ़ने को मजबूर मासूम

अम्बेडकर नगर के मकरही प्राथमिक विद्यालय के पास कूड़े का डंपिंग यार्ड। दुर्गंध से नौनिहालों का दम घुट रहा, प्रशासन मौन।

Mar 13, 2026 - 22:32
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मकरही के प्राथमिक विद्यालय में कूड़े का अंबार, गैस चैंबर बने क्लासरूम में पढ़ने को मजबूर मासूम

अम्बेडकर नगर : उत्तर प्रदेश सरकार की 'कायाकल्प योजना' और केंद्र के 'स्वच्छ भारत मिशन' को अम्बेडकर नगर के रामनगर विकास खंड में ठेंगा दिखाया जा रहा है। आलापुर तहसील के ग्राम पंचायत मकरही में स्थित प्राथमिक विद्यालय (प्रथम) इन दिनों शिक्षा के मंदिर के बजाय 'गैस चैंबर' में तब्दील हो चुका है। विद्यालय परिसर के ठीक बगल में सफाई कर्मचारी की मनमानी से कूड़े का विशाल डंपिंग यार्ड बना दिया गया है, जिसकी भयंकर सड़ांध मासूम बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ रही है।

हालात इतने नारकीय हैं कि स्कूल की खिड़कियां खोलते ही सड़ी-गली गंदगी की तेज दुर्गंध क्लासरूम में भर जाती है। शिक्षकों को मजबूरन खिड़कियां बंद रखकर बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है, जिससे बंद कमरों में उमस और घुटन के कारण बच्चों को सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। अभिभावकों का आरोप है कि गंदगी के कारण स्कूल में मक्खियों और मच्छरों का साम्राज्य है, जिससे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 मीटर के दायरे में कचरा एकत्र करना प्रतिबंधित है, लेकिन मकरही में स्कूल की दीवार से सटाकर कूड़े का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है। ग्रामीणों द्वारा कई बार विरोध किए जाने के बावजूद सफाई कर्मी और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।

स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में प्रशासन की इस संवेदनहीनता को लेकर गहरा आक्रोश है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या 'स्वच्छता अभियान' केवल कागजों और विज्ञापनों तक सीमित है? ग्रामीणों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और ब्लॉक विकास अधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर कूड़ा हटवाने और दोषी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।

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