ग्रीन एनर्जी को मिली 'AI' की शक्ति: टाटा पावर और सेल्सफोर्स की साझेदारी से बदलेगी भारत की ऊर्जा तस्वीर
टाटा पावर और सेल्सफोर्स ने एआई के जरिए नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को डिजिटल बनाने के लिए मिलाया हाथ; नेट-जीरो लक्ष्य को मिलेगी गति।
लखनऊ। भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक नई डिजिटल क्रांति का सूत्रपात हुआ है। ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टाटा पावर ने वैश्विक AI CRM दिग्गज सेल्सफोर्स के साथ हाथ मिलाया है। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के जरिए भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों को नई रफ्तार देना है।
इस सहयोग के तहत, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) अब सेल्सफोर्स के अत्याधुनिक 'एजेंटफोर्स' (Agentforce) प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगी। यह तकनीक कंपनी के रूफटॉप सोलर, ईवी चार्जिंग और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस के पूरे इकोसिस्टम को एक 'डिजिटल बैकबोन' प्रदान करेगी।
साझेदारी के मुख्य स्तंभ और लाभ:
स्मार्ट डिसीजन मेकिंग: एआई और ऑटोमेशन की मदद से लीड मैनेजमेंट और इन्वेंट्री ट्रैकिंग अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी।
जीरो-टच सुरक्षा: टाटा पावर ने एक ऐसी 'डीप लर्निंग' लेयर विकसित की है, जो साइट पर तुरंत सत्यापन (Instant Verification) और ऑटोमैटिक वारंटी जनरेशन को संभव बनाएगी, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।
अभूतपूर्व विकास: 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' के बूते टाटा पावर का आवासीय सोलर सेगमेंट पिछले दो वर्षों में 200% की दर से बढ़ा है। यह एआई साझेदारी इस विकास को और अधिक सुव्यवस्थित करेगी।
नेतृत्व के विचार:
टाटा पावर के CEO और MD डॉ. प्रवीर सिन्हा ने इस साझेदारी को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा:
"पैमाने और गति को बढ़ाने के लिए डिजिटल क्षमताएं अनिवार्य हैं। सेल्सफोर्स के साथ हम एक ऐसा स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम बना रहे हैं जो पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार है।"
वहीं, सेल्सफोर्स (दक्षिण एशिया) की CEO अरुंधती भट्टाचार्य ने इसे राष्ट्रीय परिवर्तन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि डेटा और एआई की शक्ति एक स्थायी (Sustainable) भविष्य के निर्माण में गेम-चेंजर साबित होगी।
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