बूंद-बूंद की कीमत: जल संकट से निपटने को 'जनआंदोलन' बनाना जरूरी — राजीव कुमार
केंद्रीय जल आयोग के मुख्य अभियंता राजीव कुमार ने Radio KGMU पर जल संकट से निपटने हेतु जन-जागरूकता का आह्वान किया।
लखनऊ। भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती यानी 'जल संकट' की दस्तक के बीच केंद्रीय जल आयोग (CWC) के मुख्य अभियंता श्री राजीव कुमार ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी बचाना अब केवल एक सलाह नहीं, बल्कि अस्तित्व की रक्षा के लिए एक अनिवार्य 'जनआंदोलन' होना चाहिए।
Radio KGMU गूँज पर विशेष चर्चा
सामुदायिक रेडियो स्टेशन 'Radio KGMU गूँज' के माध्यम से आरजे अभिषेक शर्मा से हुई विशेष वार्ता में श्री कुमार ने बढ़ते जल संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी जब प्रत्येक नागरिक पानी के मूल्य को समझेगा और दैनिक जीवन में इसके विवेकपूर्ण उपयोग को अपनी आदत बनाएगा।
कृषि और तकनीक का समन्वय
चर्चा के दौरान उन्होंने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में हो रहे जल के अत्यधिक दोहन पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों को छोड़कर आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ें:
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ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation): सीधे पौधों की जड़ों तक पानी पहुँचाना।
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स्प्रिंकलर सिस्टम: कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई।
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वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting): आकाश से गिरने वाली हर बूंद का संरक्षण।
सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान
मुख्य अभियंता ने भूजल स्तर को सुधारने और स्थानीय जल स्रोतों (तालाबों, कुओं) के पुनर्जीवन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "जल संरक्षण केवल सरकारी फाइलों का हिस्सा नहीं होना चाहिए, यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद और रेडियो स्टेशन की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक सरोकार वाले कार्यक्रमों से जुड़ने की प्रतिबद्धता जताई।
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