गाज़ियाबाद में 'विज़न ज़ीरो' कार्यशाला के ज़रिए सुरक्षा के 7 सुनहरे नियमों पर मंथन
इंडो-जर्मन सहयोग (IGC-SHW) द्वारा श्रीराम पिस्टंस गाज़ियाबाद में विज़न ज़ीरो कार्यशाला आयोजित। दुर्घटना रहित कार्यस्थल बनाने का लक्ष्य।
गाज़ियाबाद। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के उद्देश्य से नोएडा स्थित 'इंडो-जर्मन कोऑपरेशन फॉर सेफ्टी, हेल्थ एंड वेलबीइंग' (IGC-SHW) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जर्मनी की संस्था DGUV और इंटरनेशनल सोशल सिक्योरिटी एसोसिएशन (ISSA) के साझा सहयोग से श्रीराम पिस्टंस एण्ड रिंगस लिमिटेड, गाज़ियाबाद में एक दिवसीय 'विज़न ज़ीरो' कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मूल मंत्र "शून्य दुर्घटना, शून्य व्यावसायिक रोग एवं सम्पूर्ण खुशहाली" रहा। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि भोपाल गैस त्रासदी जैसी हृदयविदारक घटनाएं इतिहास का हिस्सा न बनें, इसके लिए 'विज़न ज़ीरो' प्रणाली को अपनाना अनिवार्य है। यह केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक सुरक्षित कार्य संस्कृति विकसित करने की दिशा में वैश्विक पहल है।
विज़न ज़ीरो रेटिंग सिस्टम (भारत) के निदेशक और पूर्व सहायक निदेशक (DGFASLI) करुणेश श्रीवास्तव ने कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने विज़न ज़ीरो के इतिहास और इसके सात स्वर्णिम नियमों (Seven Golden Rules) पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटनाएँ कोई इत्तेफाक नहीं होतीं, बल्कि उन्हें सही शिक्षा, जन-जागरूकता और व्यवहारिक नियमों के पालन से शत-प्रतिशत रोका जा सकता है।
कार्यशाला में श्रीराम पिस्टंस और अन्य सहयोगी इकाइयों के 45 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की सफलता में संस्थान के प्रबंध निदेशक रजनीश जुलका, हेड ईएचएस संजय मिश्रा, सहायक प्रबंधक (सेफ्टी) ओम नरायन और सुरक्षा अधिकारी अचिलेश्वर त्यागी का विशेष योगदान रहा। सभी ने एक स्वर में कार्यस्थल को सुरक्षित और रोगमुक्त बनाने के लिए सर्वोत्तम वैश्विक प्रणालियों को साझा करने पर सहमति जताई।
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