'संगठित समाज ही तय करेगा राजनैतिक और सामाजिक भविष्य' – लखनऊ में विश्वकर्मा समाज का 18वाँ स्थापना दिवस संपन्न
लखनऊ में विश्वकर्मा समाज का 18वाँ स्थापना दिवस संपन्न
लखनऊ : राजधानी के निगोहाँ स्थित उदयपुर ग्राम में 'विश्वकर्मा समाज सेवा समिति उत्तर प्रदेश' का 18वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विश्वकर्मा मंदिर के निकट आयोजित इस भव्य समारोह में समाज की एकजुटता, शैक्षणिक उत्थान और राजनैतिक भागीदारी का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष माननीय रमेशचन्द्र विश्वकर्मा ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन श्री काशी प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि जनपद मऊ से पधारे मा० श्याम मनोहर विश्वकर्मा उर्फ 'हिटलर' रहे। उन्होंने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी एकता पर निर्भर करती है। वहीं विशिष्ट अतिथि और हिंदी जगत के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. संतलाल विश्वकर्मा (रायबरेली) ने समाज को बौद्धिक रूप से सशक्त बनने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने पर बल दिया।
स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य वक्ताओं के रूप में पूर्व विधायक प्रत्याशी शिवबहादुर विश्वकर्मा (गदागंज), श्री रुपेश चन्द्र विश्वकर्मा, और ओ.पी. शर्मा (प्रतापगढ़) ने समाज के वर्तमान हालातों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक विश्वकर्मा समाज आर्थिक, शैक्षिक और राजनैतिक रूप से अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित नहीं करेगा, तब तक सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।
रिटायर्ड कानूनगो सुरेशचन्द्र शर्मा और लखनऊ जिला अध्यक्ष नन्द किशोर विश्वकर्मा ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास को त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को उच्च शिक्षा और तकनीकी कौशल की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में रायबरेली जिला अध्यक्ष रामप्रसाद शर्मा, उपाध्यक्ष नन्दलाल विश्वकर्मा, संयुक्त मंत्री रामकिशोर शर्मा, संगठन मंत्री रामदयाल विश्वकर्मा और रामसुख विश्वकर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रीय व दूर-दराज से आए गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष रमेशचन्द्र विश्वकर्मा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
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