प्रयागराज माघ मेला 2026: मुख्यमंत्री योगी का सख्त निर्देश—'स्वच्छता और सुविधा में न हो कोई समझौता'

सीएम योगी ने प्रयागराज में माघ मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा की और स्वच्छता व सुरक्षा पर विशेष निर्देश दिए।

Jan 10, 2026 - 20:19
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प्रयागराज माघ मेला 2026: मुख्यमंत्री योगी का सख्त निर्देश—'स्वच्छता और सुविधा में न हो कोई समझौता'
प्रयागराज माघ मेला 2026

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रयागराज के आईसीसीसी (ICCC) सभागार में माघ मेला 2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। आगामी स्नान पर्वों की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने आगामी 14 से 18 जनवरी के बीच पड़ने वाले महत्वपूर्ण स्नान पर्वों का जिक्र करते हुए कहा कि कम समय में भारी भीड़ का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने आदेश दिया कि संगम तट पर श्रद्धालुओं के दबाव को कम करने के लिए स्नान घाटों और उनके 'सर्कुलेटिंग एरिया' को और बढ़ाया जाए।

  • जल की निर्मलता को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष अपील की:
  • नदी में प्लास्टिक, कपड़े या पूजा सामग्री न फेंकी जाए।
  • स्नान के दौरान साबुन का प्रयोग वर्जित रहे।
  • स्वच्छता कर्मियों (स्वच्छाग्रहियों) का मानदेय समय पर मिले और उनके बच्चों की शिक्षा का उचित प्रबंध हो।

मेला क्षेत्र और शहर की सड़कों को लेकर सीएम ने नगर निगम को निर्देश दिया कि कहीं भी अवैध अतिक्रमण या अनावश्यक होर्डिंग्स न दिखें। पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि वे न केवल पेट्रोलिंग बढ़ाएं, बल्कि अराजक तत्वों और मादक पदार्थों की बिक्री पर पैनी नजर रखें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा, "संगम नोज पर मुख्य स्नान पर्वों पर अत्यधिक दबाव रहता है, अतः वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पहले से सुनिश्चित हों।"

कड़ाके की ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में अलाव जलें और जरूरतमंदों को चिन्हित कर कंबल बांटे जाएं। साथ ही, उन्होंने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिया कि वे संतों और श्रद्धालुओं के साथ अत्यंत शालीन व्यवहार करें।

बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को जगतगुरु रामानंदाचार्य जी का भव्य स्मारक बनाने हेतु भूमि चिन्हित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयागराज ऋषियों-मुनियों की पावन धरती है और संत समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह स्मारक उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया ताकि दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके।

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