आस्था सिंह बनीं अनुसंधान सहायक, जिले में जश्न
कुंडा की आस्था सिंह ने एम्स दिल्ली में अनुसंधान सहायक बनकर प्रतापगढ़ का मान बढ़ाया। खाद्य एवं पोषण में उनकी बड़ी उपलब्धि।
कुंडा, प्रतापगढ़। प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और जब इरादे फौलादी हों, तो सफलता के द्वार खुद-ब-खुद खुल जाते हैं। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र की रहने वाली आस्था सिंह ने इस बात को सच कर दिखाया है। देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली में अनुसंधान सहायक (Research Assistant) के पद पर चयनित होकर आस्था ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जनपद का नाम रोशन किया है।
बिहार विकास खंड के उमरी कोटिला गांव की निवासी आस्था सिंह, कुंवर बहादुर सिंह (उर्फ कल्लू सिंह) की सुपुत्री हैं। आस्था की शैक्षणिक यात्रा मेहनत और अनुशासन की मिसाल रही है। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से पूरी की, जहाँ उन्होंने 'खाद्य एवं पोषण' (Food and Nutrition) तथा 'आहार विशेषज्ञ' (Dietetics) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन शोध किया।
आस्था पिछले दो वर्षों से एम्स नई दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रही थीं। उनके समर्पण और शोध कौशल को देखते हुए अब उन्हें अनुसंधान सहायक के प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में एम्स जैसे संस्थान में शोध कार्य करना भविष्य की चिकित्सा पद्धतियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
जैसे ही आस्था के चयन की खबर उमरी कोटिला गांव पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। परिजनों का कहना है कि आस्था शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी थीं और उनका लक्ष्य हमेशा समाज के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ बेहतर करना रहा है।
आस्था की यह सफलता प्रतापगढ़ की उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो छोटे गांवों से निकलकर बड़े सपनों को हकीकत में बदलने का जज्बा रखती हैं।
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