'खिचड़ी और खीर भोज' बना हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, वीरेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
कानपुर के वीरेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित 39वें खिचड़ी व खीर भोज ने हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की।
कानपुर: शहर के शास्त्री नगर स्थित बड़ा सेंटर पार्क में 'वीरेश्वर महादेव समिति' द्वारा आयोजित 39वां वार्षिक महोत्सव आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत उदाहरण बन गया। इस अवसर पर आयोजित विशाल 'खिचड़ी एवं खीर भोज' में हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
समिति के संरक्षक विजय सिंह मरतोलिया ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस आयोजन की नींव 39 वर्ष पूर्व मोहम्मद आजाद खान ने रखी थी। एक छोटी सी शुरुआत आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुकी है, जहाँ मजहब की दीवारें टूट जाती हैं और लोग सेवा भाव से एक साथ आते हैं। यह आयोजन कानपुर की उस साझा संस्कृति का प्रतीक है जहाँ हिंदू और मुस्लिम मिलकर व्यवस्थाएं संभालते हैं।
पूजा-अर्चना और कन्या पूजन से हुई शुरुआत महोत्सव का शुभारंभ सेंट्रल पार्क स्थित वीरेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार, गायत्री मंत्र और ब्रह्म बाबा की विशेष पूजा के साथ हुआ। इसके पश्चात 11 कन्याओं का पूजन कर भोज का प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय नागरिकों के साथ-साथ जिले के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
प्रमुख हस्तियों की रही मौजूदगी इस एकता भोज में विधायक सुरेंद्र मैथानी, संरक्षक विजय सिंह मर्तोलिया, राजाराम पाल, संजीव दरियावादी, शैलेंद्र दीक्षित और वीरेंद्र कुमार सहित जमशेद, रिंकू मंसूरी, आलम मोहम्मद और उदित नारायण चौहान जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में घृणा को समाप्त कर प्रेम और आपसी विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
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