CSJMU में 'अंतर-दर्शन': विद्यार्थियों की आंतरिक अभिव्यक्ति का भव्य कला संगम
CSJMU के ललित कला संस्थान में 'अंतर-दर्शन' समूह कला प्रदर्शनी का सफल आयोजन, जहां छात्रों ने आंतरिक भावनाओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
कानपुर। कला और सृजनशीलता को निरंतर प्रोत्साहित करने की अपनी पहल को आगे बढ़ाते हुए, कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के ललित कला संस्थान ने दिनांक 17 नवंबर को संस्थान की कृतित्व कला दीर्घा में एक भव्य समूह कला प्रदर्शनी का आयोजन किया। "अंतर-दर्शन" शीर्षक से आयोजित इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और मनोभावों को कैनवास पर उतारा, जो उनकी आंतरिक दृष्टि और सृजनात्मक प्रौढ़ता का प्रभावी प्रदर्शन था।
उत्साहवर्धक शुभारंभ और विशिष्ट उपस्थिति
माननीय कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक जी की प्रेरणा और प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी जी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12:30 बजे विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री राकेश मिश्रा जी द्वारा किया गया। श्री मिश्रा ने प्रदर्शित कृतियों की सराहना करते हुए कहा कि, "विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और मनोभावों को जिस संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया है, वह उन्हें कलाकार के साथ-साथ एक मनोवैज्ञानिक दृष्टा के रूप में भी परिलक्षित करता है।"
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि, पद्मश्री से सम्मानित सुप्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीत गायिका डॉ. सुमित्रा गुहा जी ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कला निरंतर साधना, लगन और आत्मअनुशासन मांगती है। उन्होंने विद्यार्थियों की कृतियों में भविष्य के सशक्त कलाकार बनने की क्षमता स्पष्ट रूप से देखने की बात कही।
ललित कला संस्थान के निदेशक डॉ. मिठाई लाल जी ने प्रदर्शनी को विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि "अंतर-दर्शन" के माध्यम से विद्यार्थियों ने कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर अपने विचारों और संवेदनाओं को अत्यंत परिपक्वता के साथ अभिव्यक्त किया है।
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