'बेमिसाल उलझनों का मुक्कमल समाधान': संविधान दिवस पर विशेषज्ञ इं. एन. डी. द्विवेदी को भेंट की गई 'संविधान की हैंडबुक'
संविधान दिवस पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष इं. एन. डी. द्विवेदी को 'संविधान की हैंडबुक' भेंट की गई।
लखनऊ : भारत के संविधान को समर्पित 76वीं वर्षगांठ पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए, इस अवसर को डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लो. नि. वि. के लिए एक विशेष सम्मान का दिन बनाया गया।
'कभी फुरसत मिले तो पढ़ना मुझे, मैं तुम्हारी बेमिसाल उलझनों का मुक्कमल समाधान हूँ, मैं भारत का संविधान हूँ' – इन प्रेरणादायक शब्दों के साथ, प्रांतीय अध्यक्ष इं. एन. डी. द्विवेदी सर को संविधान की एक विशेष 'हैंडबुक' भेंट की गई। यह भेंट उनके असाधारण कानूनी कौशल और संगठन के प्रति समर्पण को पहचानती है।
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इं. द्विवेदी ने वर्ष 2008 से ही संघ से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण कोर्ट केसों में सफलतापूर्वक अनुनय (Persuation) कर के डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लो. नि. वि. की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाईयों पर पहुँचाया है। उनकी कानूनी समझ और नेतृत्व इतना प्रभावी रहा है कि आज अन्य विभागों के संगठन के पदाधिकारी भी उनसे मार्गदर्शन और परामर्श लेते हैं।
यह सम्मान न केवल संविधान के प्रति उनके आदर को दर्शाता है, बल्कि एक सिविल सेवक के रूप में उनके उत्कृष्ट योगदान को भी रेखांकित करता है, जिन्होंने न्यायिक प्रक्रिया में विशेषज्ञता के माध्यम से अपने संघ की गरिमा को शिखर पर स्थापित किया है। संविधान दिवस की यह वर्षगांठ इं. द्विवेदी सर जैसे विशेषज्ञों के समर्पण और भारत के महान संविधान की महत्ता का प्रतीक है।
(आर.एल.पाण्डेय)
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