फर्टिलिटी की कुंजी: हार्मोन और प्रक्रियाओं से पहले पोषण की अनदेखी भूमिका

फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. आकृति गुप्ता ने एग्स और स्पर्म की गुणवत्ता पर पोषण के अनदेखे प्रभाव को उजागर किया।

Nov 26, 2025 - 15:38
 0  498
फर्टिलिटी की कुंजी: हार्मोन और प्रक्रियाओं से पहले पोषण की अनदेखी भूमिका

गोरखपुर : जब दंपत्ति गर्भधारण की चुनौतियों का सामना करते हुए फर्टिलिटी क्लिनिक पहुंचते हैं, तो उनकी उम्मीदें अक्सर जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं, हार्मोनल जांचों और उम्र जैसे कारकों पर केंद्रित होती हैं। हालांकि, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, गोरखपुर की फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. आकृति गुप्ता के अनुसार, एक महत्वपूर्ण और अक्सर अनदेखा किया जाने वाला कारक है: पोषण (Nutrition)।

डॉ. गुप्ता इस बात पर ज़ोर देती हैं कि फर्टिलिटी के लगभग हर मामले में, आहार की गुणवत्ता एक निर्णायक भूमिका निभाती है। पोषण सीधे तौर पर एग्स की गुणवत्ता (Egg Quality), स्पर्म की सेहत (Sperm Health), ओव्यूलेशन की नियमितता (Ovulation), और एम्ब्रियो के सफल इंप्लांटेशन (Embryo Implantation) की संभावनाओं को प्रभावित करता है।

वैज्ञानिक प्रमाणों से पुष्टि : यह बात केवल सलाह नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक आधार है। डॉ. गुप्ता ने हालिया शोधों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 2023 में प्रकाशित एक रिसर्च में यह पाया गया कि जिन महिलाओं ने एक संपूर्ण आहार (Whole Diet) अपनाया – जिसमें ताज़ी सब्ज़ियां, साबुत अनाज, दालें और स्वास्थ्यवर्धक फैट्स शामिल थे – उनमें आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद गर्भावस्था और बच्चे पैदा होने की दर में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।

इसके अलावा, एक अन्य अध्ययन ने कुछ महत्वपूर्ण मिनरल्स की कमी पर प्रकाश डाला। इसमें पाया गया कि जिंक (Zinc) या सेलेनियम (Selenium) जैसे आवश्यक खनिजों की कमी या भारी धातुओं के अत्यधिक संपर्क से एम्ब्रियो का विकास बाधित हो सकता है, जिससे फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की सफलता की संभावना घट जाती है।

हार्मोनल संतुलन और खान-पान : डॉ. गुप्ता के अनुसार, इसका कारण हमारे आहार और शरीर के हार्मोनल संतुलन के बीच का सीधा संबंध है। फैक्ट्री में बने अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (Processed Foods) और परिष्कृत चीनी (Refined Sugar) से भरपूर आहार शरीर के हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ता है और इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) को बढ़ाता है। यह इंसुलिन प्रतिरोध ओव्यूलेशन से जुड़ी गड़बड़ियों, जैसे कि पीसीओएस (PCOS) का एक प्रमुख कारण है।

इसके विपरीत, एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर से समृद्ध संतुलित आहार ओवरी की कार्यक्षमता (Ovarian Function) और एग्स की गुणवत्ता को सुधारता है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि ये महत्वपूर्ण सुधार हमेशा ब्लड रिपोर्ट्स में आसानी से दिखाई नहीं देते, लेकिन वे पूरी तरह से ट्रीटमेंट साइकिल के अंतिम परिणाम को निर्धारित कर सकते हैं।

दृष्टिकोण बदलने की आवश्यकता : डॉ. आकृति गुप्ता ने भारत में फर्टिलिटी केयर के प्रति वर्तमान दृष्टिकोण पर चिंता व्यक्त की। उनका मानना ​​है कि समस्या कोशिशों की कमी नहीं, बल्कि नज़रिए की है। “हम फर्टिलिटी को अक्सर केवल मेडिकल दृष्टिकोण से देखते हैं, जबकि इसकी जड़ें वास्तव में लाइफस्टाइल और पोषण से शुरू होती हैं।”

उनका सुझाव है कि आईवीएफ या अन्य फर्टिलिटी ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले ही, शुरुआती कंसल्टेशन्स में पोषण संबंधी आदतों और सुरक्षित सप्लिमेंटेशन पर विस्तार से चर्चा की जानी चाहिए। यह शुरुआती तैयारी, बाद में किए गए छोटे-मोटे आहार परिवर्तनों की तुलना में शरीर को बेहतर तरीके से तैयार करती है और कहीं अधिक प्रभावी साबित होती है।

अंत में, डॉ. गुप्ता ने निष्कर्ष निकाला कि विज्ञान और तकनीक फर्टिलिटी केयर को बेशक आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन इस रास्ते की नींव शरीर से शुरू होती है, और शरीर उसी पर चलता है जो हम खाते हैं। कई बार बेहतर फर्टिलिटी की कुंजी महंगी प्रक्रियाओं में नहीं, बल्कि हमारे रोज़मर्रा के खाने और पोषण में छिपी होती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0