जालोर में गरजे योगी आदित्यनाथ: 'विपक्ष ने बाँटा, मोदी ने सनातन और राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोया'
जालोर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजस्थान के जालोर स्थित श्रीरत्नेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित महायज्ञ और धर्मसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछली सरकारों ने केवल तुष्टिकरण और विभाजन की राजनीति की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज अपनी सांस्कृतिक और विकासपरक जड़ों की ओर लौट रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने भारत की विशिष्टता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह देश किसी साधारण प्रक्रिया से नहीं, बल्कि ऋषि-मुनियों की कठोर साधना, वीर-वीरांगनाओं के बलिदान और किसानों-श्रमिकों के पसीने से निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा, "दुनिया में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो गोत्र और ऋषियों की परंपरा से जुड़ा है। यह विरासत अन्यत्र कहीं नहीं मिलेगी।"
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों को घेरते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने समाज को जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर बाँटकर कमजोर किया। इसी विभाजनकारी राजनीति के कारण कश्मीर में अनुच्छेद 370 और नक्सलवाद जैसी समस्याएँ पनपीं। योगी ने कहा कि पहले की सरकारें सनातन आस्था को 'अंधविश्वास' और 'रूढ़िवाद' मानकर उसका अपमान करती थीं। भगवान राम को काल्पनिक बताने वाली शक्तियों ने दशकों तक राम मंदिर के निर्माण में रोड़े अटकाए, जो कार्य आजादी के तुरंत बाद हो जाना चाहिए था।
पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए योगी ने कहा कि आज देश की सीमाएँ सुरक्षित हैं और आंतरिक चुनौतियाँ समाप्त हो रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार ने न केवल आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया, बल्कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाकर सनातन आस्था को उसका खोया हुआ सम्मान भी वापस दिलाया।
उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे भारत की इस विशिष्टता और परंपराओं को समझें, क्योंकि बिना आस्था और एकता के कोई भी समाज उन्नति नहीं कर सकता। योगी के इस दौरे ने जालोर और मारवाड़ क्षेत्र में एक नई राजनीतिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार कर दिया है।
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