वादे अनेक, विकास शून्य: कानपुर के देवकी नगर में छोटी नाली और अधूरी सड़क ने निवासियों का जीना किया मुहाल

कानपुर के देवकी नगर में 4 साल से अधूरी इंटरलॉकिंग सड़क और छोटी नाली के कारण जलभराव से त्रस्त निवासी, अफसरों पर नहीं असर

Jun 14, 2026 - 19:42
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वादे अनेक, विकास शून्य: कानपुर के देवकी नगर में छोटी नाली और अधूरी सड़क ने निवासियों का जीना किया मुहाल

कानपुर (संजय शुक्ला / ब्यूरो) : स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े दावों के बीच कानपुर का देवकी नगर इलाका प्रशासनिक उपेक्षा और स्थानीय राजनीति का शिकार बना हुआ है। यहाँ की एक मुख्य सड़क आज स्थानीय निवासियों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। आलम यह है कि सड़क के एक तरफ मात्र आठ इंच गहरी नाली बनाई गई है, जो सामान्य दिनों में घरों से निकलने वाले पानी को भी झेल नहीं पाती। ऐसे में बारिश के दिनों में यहाँ की स्थिति बद से बदतर हो जाती है और स्थानीय बाशिंदे नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं।

छुटभैया नेताओं की कारस्तानी में फंसा विकास
क्षेत्रीय जनता का सीधा आरोप है कि कुछ स्थानीय 'छुटभैया' नेताओं की आपसी खींचतान और अपनी धौंस जमाने की कारस्तानी के चलते इस इंटरलॉकिंग रोड का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 4 वर्षों में इस सड़क की पैमाइश (नाप-जोख) कई बार हो चुकी है। हर बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्वासन दिया जाता है कि "इस बार रोड जरूर बन जाएगी", लेकिन साल दर साल बीतने के बाद भी ढाक के तीन पात वाली स्थिति बनी हुई है। वहीं, इसके बाद की कई अन्य सड़कें शानदार इंटरलॉकिंग के साथ बनकर तैयार हो चुकी हैं, जिनमें दोनों तरफ गहरी नालियां हैं और पानी की निकासी सुचारू रूप से हो रही है।

विधानसभा अध्यक्ष की पहल भी अफसरों के आगे बेअसर
प्रशासनिक रवैये से थक हारकर क्षेत्रीय नागरिक—जिनमें मुख्य रूप से राजेंद्र कुमार सक्सेना, पंकज शुक्ला, अनूप मिश्रा, अवधेश बाजपेयी, शरद शुक्ला, रोहित राठौर, धनेश शुक्ला, राजू बाजपेयी, कल्लू पाठक और अकुल यादव शामिल थे—लगभग डेढ़ दर्जन लोगों के साथ विधानसभा अध्यक्ष के दरवाजे पर फरियाद लेकर पहुंचे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित 'भास्कर' (जिम्मेदार अधिकारी) से फोन पर बात कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

"अधिकारियों की तानाशाही और लापरवाही का आलम देखिए कि विधानसभा अध्यक्ष की पैरवी के बावजूद लगभग डेढ़ महीना (45 दिन) बीत चुका है, लेकिन धरातल पर एक ईंट भी नहीं हिली है। अफसर हमारी तकलीफों को ताक पर रखकर बैठे हैं।"

— पीड़ित निवासी, देवकी नगर

क्षेत्रीय जनता आज भी किसी ठोस कार्रवाई के इंतजार में टकटकी लगाए बैठी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस सड़क को ऊंचा नहीं किया गया और दोनों तरफ गहरी नालियों का निर्माण नहीं हुआ, तो आने वाली बारिश में पूरा इलाका टापू बन जाएगा, जिससे महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। निवासियों ने अब नगर आयुक्त और जिलाधिकारी से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग की है।

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