यूपी में टीबी के खिलाफ जंग तेज: हाई रिस्क गांवों में लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर

अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान के तहत हाई रिस्क गांवों में शिविर लगाने के निर्देश दिए।

Jun 14, 2026 - 12:18
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यूपी में टीबी के खिलाफ जंग तेज: हाई रिस्क गांवों में लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को क्षय रोग से मुक्त करने के लिए चल रहे '100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान' को लेकर सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी हाई रिस्क (उच्च जोखिम वाले) गांवों में प्राथमिकता के आधार पर आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान में अब केवल 18 दिन शेष बचे हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें अतिगंभीर होकर काम पूरा करें।

कम प्रदर्शन वाले जिलों को सख्त हिदायत
समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि आजमगढ़, जौनपुर, बस्ती और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में उच्च जोखिम वाले गांवों का कवरेज अभी सिर्फ 36 प्रतिशत के आसपास ही हो पाया है। इसके अलावा देवरिया और कुशीनगर में भी काम की रफ्तार औसत से कम रही। अपर मुख्य सचिव ने इन जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को आदेश दिया है कि वे हर दिन शाम को जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करें। उन्होंने लक्ष्य दिया कि 100 दिन पूरे होने तक शत-प्रतिशत गांवों में जांच का काम पूरा हो जाना चाहिए।

पोषण पोटली और डिजिटल ट्रैकिंग पर जोर
सरकार ने टीबी मरीजों के स्वास्थ्य और खानपान को बेहतर करने के लिए सभी को 'पोषण पोटली' दिलाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए स्थानीय व्यापारियों, उद्योगपतियों और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही, लगभग एक हजार टीबी विजेताओं और फ्रंटलाइन वर्कर्स से संवाद करते हुए अमित कुमार घोष ने कहा कि सभी मरीजों के मोबाइल में 'टीबी मुक्त भारत ऐप' डाउनलोड कराया जाए, ताकि वे अपनी सेहत की दैनिक ट्रैकिंग खुद कर सकें।

प्रयागराज और गोरखपुर का प्रदर्शन बेहतर
राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. ऋषि कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रदेश के 26,722 हाई रिस्क गांवों में से 17,741 गांवों में शिविर लगाए जा चुके हैं। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ और कानपुर नगर समेत 13 जिलों ने अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। वहीं 600 से अधिक हाई रिस्क गांवों वाले जिलों में प्रयागराज, गोरखपुर और बिजनौर का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। बैठक में एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल और स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे। (सू.वि.)

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