लखनऊ मण्डल के माध्यमिक स्कूलों में छात्रों और अभिभावकों को दिए जाएंगे बाढ़ सुरक्षा के टिप्स

लखनऊ मण्डल के माध्यमिक स्कूलों में छात्रों और अभिभावकों को दिए जाएंगे बाढ़ सुरक्षा टिप्स, जेडी कार्यालय ने जारी किए निर्देश

Jun 14, 2026 - 20:30
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लखनऊ मण्डल के माध्यमिक स्कूलों में छात्रों और अभिभावकों को दिए जाएंगे बाढ़ सुरक्षा के टिप्स

लखनऊ (आर.एल.पाण्डेय) : मानसून की आहट और संभावित बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने अभी से कमर कस ली है। शिक्षा निदेशक माध्यमिक कार्यालय के निर्देशानुसार, लखनऊ मण्डल के सभी माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बाढ़ से पूर्व, बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस विशेष मुहिम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से समाज के एक बहुत बड़े हिस्से को आपदा प्रबंधन के प्रति सजग और सुरक्षित बनाना है।

मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी (जेडी कार्यालय) डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि शासन स्तर से लखनऊ मण्डल के सभी जनपदों को बाढ़ प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यही वजह है कि जमीनी स्तर पर जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए स्कूलों को माध्यम बनाया गया है। विभाग ने इसके लिए बकायदा 9 सूत्रीय गाइडलाइन (सुरक्षा टिप्स) जारी की है, जिसे हर छात्र और अभिभावक तक अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाएगा।

सुरक्षा के 9 अचूक मंत्र: आपदा में ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

विद्यालयों में शिक्षकों के माध्यम से निम्नलिखित महत्वपूर्ण टिप्स सांझा किए जाएंगे:

  • शरण स्थलों की जानकारी: सभी परिवारों को अपने आस-पास प्रशासन द्वारा चिन्हित निकटतम बाढ़ शरण स्थलों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
  • बाढ़ के पानी से दूरी: बच्चे किसी भी स्थिति में बाढ़ के पानी के पास या उसमें न खेलें, क्योंकि पानी का बहाव और गहराई जानलेवा हो सकती है।
  • आपातकालीन किट: हर घर में एक 'इमरजेंसी किट' तैयार रहनी चाहिए, जिसमें एक चालू रेडियो, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां, पीने का साफ पानी, सूखा भोजन, मिट्टी का तेल, मोमबत्ती और माचिस सुरक्षित रखी हो।
  • खान-पान में सावधानी: हमेशा उबला हुआ पानी ही पिएं और सुपाच्य व हल्का भोजन लें।
  • दूषित भोजन से बचाव: बाढ़ के पानी से छू गए या प्रभावित हुए किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन कतई न करें।
  • भोजन को ढक कर रखें: मक्खियों और संक्रमण से बचाने के लिए उपलब्ध भोजन व राशन को हमेशा पूरी तरह ढक कर रखें।
  • बिजली से खतरा: बाढ़ की स्थिति में घर की मुख्य बिजली आपूर्ति (Main Switch) तुरंत बंद कर दें। पानी से भीगे हुए किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल न करें।
  • जहरीले जीवों से सतर्कता: जलभराव के दौरान सांप, बिच्छू जैसे विषधर प्राणी सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों का रुख करते हैं, इसलिए जमीन पर सोते समय और अंधेरे स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतें।

बाढ़ के दौरान स्कूल और स्टाफ की शिफ्टिंग: यदि कोई विद्यालय बाढ़ की चपेट में आता है, तो वहां के बच्चों को जिला प्रशासन द्वारा संचालित निकटवर्ती सुरक्षित बाढ़ शरणालयों में चल रहे कैंप स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही, ऐसे प्रभावित स्कूलों के शिक्षण स्टाफ की ड्यूटी भी प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में लगाई जाएगी ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

"विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के जरिए एक बड़े जनसमूह में बाढ़ आपदा के प्रति सजगता लाना ही इस पूरी मुहिम का मुख्य एजेंडा है। तैयारी ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।"

— डॉ. दिनेश कुमार, मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी (लखनऊ मण्डल)

मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) लखनऊ मण्डल, डॉ. प्रदीप कुमार ने मण्डल के अंतर्गत आने वाले सभी छह जिलों—लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, उन्नाव और रायबरेली के जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को सर्कुलर जारी कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी माध्यमिक विद्यालयों में इन सुरक्षा गाइडलाइंस का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।

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