कौशाम्बी में पर्यावरण पर प्रहार: वन विभाग की सरपरस्ती में ककोड़ा के जंगलों का सीना चीर रहे लकड़ी माफिया
कौशाम्बी के ककोड़ा जंगलों में वन विभाग की कथित मिलीभगत से तीन दिनों से हरे पेड़ों की अवैध कटान जारी है
कौशाम्बी : कौशाम्बी कोखराज थाना क्षेत्र के ककोड़ा के जंगलों में पिछले तीन दिनों से लगातार हरे पेड़ों की कटान की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से दिन-रात आरा चल रहा है। नजदीकी आरा मशीनों पर हरे पेड़ों की भरमार है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सागौन, शीशम, नीम और महुआ के दर्जनों हरे-भरे पेड़ काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से ढोए जा रहे हैं। रात होते ही जंगल में मशीनों की आवाज गूंजने लगती है। सुबह तक पेड़ों के ठूंठ ही बचे रह जाते हैं।नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने कहा कि कई बार रेंजर और वन दरोगा को सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छापेमारी से पहले ही लकड़ी माफिया को खबर मिल जाती है।
इससे विभाग की भूमिका संदिग्ध हो गई है। ककोड़ा का जंगल क्षेत्र का सबसे बड़ा हरित क्षेत्र है। लगातार कटान से वन्य जीवों का बसेरा उजड़ रहा है। गर्मी में तापमान बढ़ रहा है और भूजल स्तर गिरने का खतरा है।
इस संबंध में रेंजर से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में है। टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। अवैध कटान करने वालों पर वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
पर्यावरण प्रेमियों ने डीएम और मुख्य वन संरक्षक से मांग की है कि ककोड़ा के जंगल में तत्काल गश्त बढ़ाई जाए। दोषी वनकर्मियों और लकड़ी माफिया पर गैंगस्टर की कार्रवाई हो। साथ ही कटे पेड़ों के बदले दस गुना पौधरोपण कराया जाए।
(एडवोकेट अजय पण्डा / ब्यूरो)
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)