मीठा खाने का बदला अंदाज़, तो बच्चों के दाँत रहेंगे कैविटी से आज़ाद: जानिए डेंटल सर्जन के अनोखे टिप्स

बच्चों के दाँतों को कैविटी से बचाने के अनोखे और असरदार घरेलू उपाय, जानिए डेंटल सर्जन डॉ. पंकज अवस्थी से

Jun 14, 2026 - 12:50
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मीठा खाने का बदला अंदाज़, तो बच्चों के दाँत रहेंगे कैविटी से आज़ाद: जानिए डेंटल सर्जन के अनोखे टिप्स

लखनऊ। बच्चों को चॉकलेट, टॉफी और मीठी चीज़ें बेहद पसंद होती हैं, लेकिन इसके बाद माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता होती है—दाँतों में कीड़ा (कैविटी) लगना। अक्सर लोग मानते हैं कि मीठा पूरी तरह बंद करना ही इसका इकलौता इलाज है, लेकिन डेंटल सर्जन डॉ. पंकज अवस्थी का मानना कुछ अलग है। उनके अनुसार, अगर हम बच्चों के खाने के तरीके और समय में थोड़ा बदलाव कर दें, तो मीठा खाने के बाद भी दाँतों को सड़न से बचाया जा सकता है।

कैसे लगती है दाँतों में कैविटी?
जब बच्चे कोई मीठी चीज़ खाते हैं, तो उसका कुछ हिस्सा दाँतों के कोनों और परतों में चिपक जाता है। हमारे मुँह में मौजूद बैक्टीरिया इस बची हुई चीनी को अपना भोजन बनाते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान वे एक हानिकारक एसिड छोड़ते हैं। यह एसिड धीरे-धीरे दाँतों की सबसे ऊपरी सुरक्षा परत (इनेमल) को कमजोर करने लगता है और समय के साथ वहाँ एक गहरा गड्ढा यानी कैविटी बन जाती है, जिसे आम भाषा में 'कीड़ा लगना' कहते हैं।

कैविटी से बचाव के 3 स्मार्ट और अनोखे उपाय
डॉ. पंकज अवस्थी ने बच्चों के दाँतों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ ऐसे व्यावहारिक उपाय साझा किए हैं, जिन्हें आसानी से आजमाया जा सकता है:

  • मीठे के बाद खिलाएं सही चीज़ें: जब भी बच्चा कुछ मीठा खाए, तो तुरंत कुल्ला कराने के साथ-साथ उसे गाजर का एक टुकड़ा चबाने के लिए दें। गाजर को चबाने से लार (सलाइवा) अधिक बनती है, जो दाँतों में फंसी चीनी को प्राकृतिक रूप से साफ कर देती है। इसके अलावा मीठा खाने के बाद पनीर का टुकड़ा या दूध देना भी एसिड के असर को कम करता है।
  • खाने के क्रम को बदलें: अमूमन घरों में चलन है कि भोजन के अंत में मीठा (डिजर्ट) परोसा जाता है, लेकिन डॉक्टर के मुताबिक यह तरीका गलत है। मीठी चीज़ों को भोजन के बाद खाने के बजाय हमेशा भोजन से पहले देना चाहिए। ऐसा करने से बाद में खाया जाने वाला मुख्य भोजन दाँतों में चिपकी चीनी को रगड़कर साफ करने में मदद करता है।
  • समय का रखें खास ख्याल: बच्चों को रात के समय या सोने से ठीक पहले मीठा खाने की आदत बिल्कुल न डालें। रात में सोते समय मुँह में लार कम बनती है, जिससे बैक्टीरिया को हमला करने का पूरा समय मिल जाता है। इसलिए मीठा खिलाने का सबसे सही समय सुबह का नाश्ता या दोपहर का खाना है।

विशेष सलाह: इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप अपने बच्चों की मुस्कान को हमेशा चमकदार और सेहतमंद बनाए रख सकते हैं। नियमित ब्रश करना और हर छह महीने में डेंटिस्ट से मिलना भी उतना ही ज़रूरी है।

(आर.एल पाण्डेय)

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