लोकतंत्र के प्रहरियों को सुरक्षा और सम्मान की दरकार: ग्रामीण पत्रकारों ने मुख्यमंत्री तक पहुंचाई 7 सूत्रीय आवाज
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने विधायक को सौंपा 7 सूत्रीय ज्ञापन; पत्रकार आयोग और सुरक्षा जांच की रखी प्रमुख मांग।
लखनऊ। प्रदेश के सबसे बड़े और सक्रिय पत्रकार संगठन, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने आज पत्रकारों के अस्तित्व और अधिकारों की रक्षा के लिए हुंकार भरी है। संगठन के जिला उपाध्यक्ष फुरकान राईन और तहसील अध्यक्ष दिलीप रावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मोहनलालगंज विधायक अमरेश कुमार रावत को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन ने पुरजोर तरीके से मांग उठाई है कि प्रदेश स्तरीय पत्रकार मान्यता समिति और विज्ञापन मान्यता समिति में संगठन के दो प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाए। इससे न केवल ग्रामीण पत्रकारों की आवाज नीतिगत स्तर पर सुनी जाएगी, बल्कि विज्ञापन वितरण में भी पारदर्शिता आएगी।
ज्ञापन की सबसे महत्वपूर्ण मांग 'पत्रकार आयोग' के गठन और कानूनी सुरक्षा को लेकर है। संगठन ने मांग की है कि किसी भी पत्रकार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने से पहले राजपत्रित अधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच अनिवार्य हो। साथ ही, कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले पत्रकारों के लिए आयुष्मान कार्ड और परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा का भी अनुरोध किया गया है।
दारुल सफा स्थित विधायक निवास पर हुई इस वार्ता में विधायक अमरेश कुमार रावत ने माना कि ग्रामीण पत्रकार लोकतंत्र की अंतिम कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे व्यक्तिगत रूप से इन मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखकर उनका त्वरित निस्तारण कराएंगे।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि 18 मंडलों और 75 जनपदों में फैले उनके विशाल नेटवर्क के पत्रकारों की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ में कार्यालय हेतु भवन और तहसील स्तर पर मान्यता की मांग को भी इस ज्ञापन में प्रमुखता से रखा गया है।
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