सेना की ताकत और मेक इन इंडिया की झलक: VSSD कॉलेज के छात्रों ने ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री में सीखी रक्षा निर्माण की बारीकियां

वी.एस.एस.डी. कॉलेज कानपुर के रक्षा अध्ययन विभाग के छात्रों ने ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री का दौरा किया। यहाँ उन्होंने मेक इन इंडिया के तहत सेना के लिए बन रहे ब्रेक पैराशूट्स की तकनीक समझी। #वीएसएसडीकॉलेज #ऑर्डनेंसपैराशूटफैक्ट्री #कानपुरसमाचार #रक्षाअध्ययन #मेकइनइंडिया #भारतीयसेना #शिक्षासमाचार

Nov 03, 2026 - 21:31
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सेना की ताकत और मेक इन इंडिया की झलक: VSSD कॉलेज के छात्रों ने ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री में सीखी रक्षा निर्माण की बारीकियां

कानपुर। युवाओं को देश की रक्षा प्रणाली, सैन्य तकनीक और स्वदेशी विनिर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से वी.एस.एस.डी. कॉलेज (कानपुर) के 'रक्षा एवं स्ट्रैटेजिक अध्ययन विभाग' द्वारा ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री (OPF) का एक विशेष शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया। महाविद्यालय प्रबंध समिति की सचिव श्रीमती नीतू सिंह की प्रेरणा और प्राचार्य प्रो. नीरू टंडन के कुशल मार्गदर्शन में यह शैक्षणिक दौरा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को भारतीय रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' की बढ़ती भूमिका और सेना के तीनों अंगों के लिए तैयार किए जा रहे अत्याधुनिक उपकरणों की विस्तृत जानकारी मिली।

कार्यक्रम की शुरुआत में फैक्ट्री के अधिकारी जेडब्ल्यूएम महेश दीक्षित और एचआरडी अधिकारी अशोक चौरसिया ने पीपीटी (PPT) प्रस्तुति के जरिए विद्यार्थियों को पैराशूट निर्माण के इतिहास से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों—जैसे सुखोई-30, तेजस, मिराज-2000, मिग-29 और जगुआर—के लिए विशेष 'ब्रेक पैराशूट' तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा, भारी सैन्य वाहनों व हथियारों को आसमान से सुरक्षित लैंड कराने वाले 'पी-7 हेवी ड्रॉप पैराशूट' की निर्माण तकनीक और उसकी महत्ता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।

प्रस्तुति के बाद विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की टीम को फैक्ट्री की अलग-अलग निर्माण इकाइयों (मैन्युफैक्चरिंग सेक्शंस) में ले जाया गया, जहाँ उन्होंने रक्षा सामग्री बनते हुए अपनी आँखों से देखा।

इस विशेष अवसर पर वी.एस.एस.डी. कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ. राम तिवारी के नेतृत्व में विभागीय शिक्षकों—डॉ. समयदीन गुप्ता, डॉ. संगीता चौधरी और डॉ. ऋचा सिंह राठौड़—ने संस्थान के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाली विशेष पत्रिका एजीएम अनुराग यादव तथा एसएम प्रियम सिंह को भेंट की। वहीं, फैक्ट्री प्रबंधन ने भी रक्षा अध्ययन विभाग को अपनी परिचय पुस्तिका (इन्फॉर्मेशन ब्रोशर) उपहार स्वरूप प्रदान कर इस दौरे को यादगार बनाया।

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