ओवरक्रौडिंग का शिकार हिमाचल की जेलें: 2580 की क्षमता, ठूंसे गए 3355 कैदी; मंडी में 3 गुना से ज्यादा भीड़
हिमाचल प्रदेश की 14 जेलों में क्षमता से 775 अधिक कैदी बंद हैं। विधानसभा मानसून सत्र में सीएम सुक्खू ने जेलों में ओवरक्रौडिंग और महिला कैदियों के आंकड़े प्रस्तुत किए
शिमला : हिमाचल प्रदेश की जेलों में कैदियों की संख्या निर्धारित क्षमता से काफी अधिक हो गई है। राज्य की कुल 14 जेलों में क्षमता से 775 ज्यादा कैदी बंद हैं। इस बात का खुलासा हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में हुआ। गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन को बताया कि प्रदेश की जेलों में कुल 2580 कैदियों को रखने की जगह है, लेकिन वर्तमान में 3355 कैदी सजा और विचारणाधीन अवधि काट रहे हैं।
पुरुषों की ओवरक्राउडिंग, महिलाओं को राहत
आंकड़ों के अनुसार, पुरुष कैदियों के मामलों में स्थिति अधिक गंभीर है। प्रदेश की जेलों में 2370 पुरुष कैदियों की क्षमता के मुकाबले 3211 पुरुष बंद हैं। इसके विपरीत, महिला कैदियों की स्थिति थोड़ी राहत देने वाली है। राज्य में 210 महिलाओं को रखने की क्षमता है, जबकि वर्तमान में केवल 144 महिला कैदी ही जेलों में हैं। इसके अतिरिक्त, जेलों में 39 पुरुष कैदी नजरबंद हैं, जबकि नजरबंद कैदियों में कोई महिला शामिल नहीं है। कुल कैदियों में से 2203 पुरुष व महिला कैदी अंडरट्रायल (विचारणाधीन) हैं।
प्रमुख जेलों में स्थिति का ब्योरा
मंडी जेल: यहां सबसे विकट स्थिति है; 95 की क्षमता के मुकाबले करीब तीन गुना 270 कैदी बंद हैं।
कंडा जेल (शिमला): 438 की क्षमता के खिलाफ 530 कैदी मौजूद हैं।
नाहन जेल: 471 की क्षमता के मुकाबले 553 कैदी रखे गए हैं।
धर्मशाला जेल: 335 की जगह 552 कैदी बंद हैं।
कुल्लू जेल: 33 की क्षमता वाले बैरकों में 76 कैदी बंद हैं।
चंबा, सोलन, किन्नौर और ऊना: इन सभी जेलों में भी तय क्षमता से अधिक कैदी मौजूद हैं।
ओपन एयर जेल (बिलासपुर): यहां 80 की क्षमता है, लेकिन केवल 8 कैदी ही रखे गए हैं।
चिकित्सा सुविधा और एनडीपीएस नियम
स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में सरकार ने स्पष्ट किया कि मॉडल सेंट्रल जेल नाहन, कंडा शिमला, जिला जेल धर्मशाला और ओपन जेल बिलासपुर में डॉक्टरों के कुल चार पद स्वीकृत हैं और ये सभी पद भरे हुए हैं। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत सजा काट रहे अपराधियों को ओपन एयर जेल में ट्रांसफर करने का कोई नियम नहीं है।
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