यमुना में 'लाल सोने' की अवैध लूट: मल्हीपुर घाट पर पोकलैंड मशीनों से हो रहा चीरहरण, प्रशासन मौन
कौशाम्बी के मल्हीपुर घाट पर यमुना नदी की धारा से पोकलैंड मशीनों द्वारा अवैध मौरंग खनन का वीडियो वायरल हुआ है, जिससे पर्यावरण और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। #कौशाम्बी_न्यूज #अवैध_खनन #यमुना_नदी #बालू_माफिया #प्रशासनिक_लापरवाही #पर्यावरण_संकट
कौशाम्बी : कौशाम्बी जिले में प्रकृति के साथ खिलवाड़ का एक और बड़ा मामला सामने आया है। सरायअकिल क्षेत्र के मल्हीपुर घाट से यमुना नदी की बीच धारा से 'लाल सोने' (मौरंग) की अवैध निकासी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो 30 अक्टूबर 2026 का बताया जा रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों को ताक पर रखकर भारी-भरकम पोकलैंड मशीनों से नदी का सीना चीरा जा रहा है।
नियमों के अनुसार नदी की बीच धारा से मशीनों द्वारा खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की नाक के नीचे चल रहे इस खेल ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। मौरंग केवल एक निर्माण सामग्री नहीं है, बल्कि यह नदी के पारिस्थितिक तंत्र और भूजल स्तर को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। इस तरह के अंधाधुंध खनन से नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, जिससे भविष्य में आसपास के गांवों पर बाढ़ और जल संकट का खतरा मंडराने लगा है।
हैरानी की बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद औपचारिकता के नाम पर कुछ खानापूर्ति कर दी जाती है, लेकिन धरातल पर माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी शह पर यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है? क्या जिला प्रशासन और खनन विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? जनता अब यह जानने को बेताब है कि इन बेखौफ बालू माफियाओं पर कब स्थायी रोक लगेगी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर कब शिकंजा कसा जाएगा।
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