ऊना: दूध खरीद सीमा और भुगतान में देरी पर भड़के डेयरी किसान, दी आंदोलन की चेतावनी
ऊना में मिल्कफेड द्वारा दूध खरीद पर 20 लीटर की सीमा लगाने और भुगतान में देरी पर भड़के किसान, आंदोलन की चेतावनी।
ऊना( हिमाचल प्रदेश) । हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में राज्य दुग्ध महासंघ (मिल्कफेड) द्वारा दूध खरीद पर सीमा तय करने और भुगतान में लगातार हो रही देरी के खिलाफ डेयरी किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। क्षेत्र के नाराज दुग्ध उत्पादकों ने झालेरा स्थित मिल्कफेड प्लांट के बाहर एकत्रित होकर प्रदेश सरकार और विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
किसानों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार ने डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब मिल्कफेड के माध्यम से दूध खरीद पर प्रति किसान 20 लीटर की सीमा लागू कर दी गई है। इस फैसले से उन बड़े और प्रगतिशील डेयरी किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जो रोजाना भारी मात्रा में दूध का उत्पादन करते हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान, नए दुग्ध उत्पादकों पर भी रोकप्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि खरीद सीमा लगाने के साथ-साथ मिल्कफेड पिछले काफी समय से दूध का भुगतान भी समय पर नहीं कर रहा है। समय पर पैसा न मिलने के कारण पशुपालकों के लिए मवेशियों का चारा, दवाइयां और अन्य जरूरी खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो गया है।
"एक तरफ सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए डेयरी अपनाने को कह रही है, वहीं दूसरी तरफ नए किसानों को दुग्ध समितियों से जोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है। यह पूरी तरह से किसान विरोधी नीति है।" - मनोज कुमार, प्रदर्शनकारी किसानकिसानों के इस प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने किसानों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराते हुए तत्काल मिल्कफेड के उच्चाधिकारियों से फोन पर बात की। विधायक सत्ती ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने दूध खरीद की 20 लीटर की सीमा को तुरंत वापस नहीं लिया और लंबित भुगतान का निपटारा नहीं किया, तो इस मुद्दे को विधानसभा में मजबूती से उठाया जाएगा। वहीं, किसानों ने भी मांग पूरी न होने पर बड़े स्तर पर चक्का जाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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