प्रयागराज में जल क्रीड़ाओं को नई उड़ान: केरल की तर्ज पर विकसित हो रहा आधुनिक बोट क्लब

प्रयागराज में केरल की तर्ज पर बन रहा विश्वस्तरीय बोट क्लब, मंडलायुक्त ने आधुनिक खेल अवसंरचना का किया निरीक्षण

Jul 07, 2026 - 22:17
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प्रयागराज में जल क्रीड़ाओं को नई उड़ान: केरल की तर्ज पर विकसित हो रहा आधुनिक बोट क्लब

प्रयागराज। मंडल में जल क्रीड़ाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों के क्रम में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने जिलाधिकारी मनीष वर्मा, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बोट क्लब परिसर में विकसित की जा रही आधुनिक खेल अवसंरचना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बहुउद्देशीय जिम, आधुनिक बोट हाउस एवं वेयरहाउस सहित निर्माणाधीन विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन कर उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध संचालन के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में पूर्व में आयोजित मंडलीय खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक में प्रयागराज में कयाकिंग, कैनोइंग एवं रोइंग जैसी जल क्रीड़ाओं के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। इन्हीं निर्णयों के अनुरूप स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा केरल में विकसित विश्वस्तरीय वाटर स्पोर्ट्स बोट हाउस एवं वेयरहाउस मॉडल से प्रेरणा लेते हुए बोट क्लब परिसर में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है।

इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल उपकरणों के सुरक्षित संरक्षण तथा प्रतियोगिताओं की बेहतर तैयारी के लिए समेकित एवं उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।विकसित की जा रही सुविधाओं में नौकाओं के सुरक्षित संरक्षण हेतु आधुनिक वेयरहाउस, खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता एवं प्रदर्शन को सुदृढ़ बनाने के लिए बहुउद्देशीय जिम, खेल उपकरणों के वैज्ञानिक रखरखाव की व्यवस्था तथा जल क्रीड़ाओं के अनुरूप आवश्यक प्रशिक्षण सुविधाएं शामिल हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध कराते हुए उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अधिक सक्षम बनाना है।मंडलायुक्त ने कहा कि हाल ही में आयोजित 37वीं उत्तर प्रदेश स्टेट सीनियर कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप में प्रयागराज के खिलाड़ियों ने विभिन्न कयाकिंग एवं कैनोइंग स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं।

खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश में जल क्रीड़ाओं के प्रति बढ़ती प्रतिभा, क्षमता एवं संभावनाओं का परिचायक है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए आधुनिक खेल अवसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण व्यवस्था तथा गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का विस्तार समय की आवश्यकता है।निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बोट क्लब को भविष्य में जल क्रीड़ाओं के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए खिलाड़ियों को सुरक्षित, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया, ताकि प्रयागराज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की जल क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।

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