'जीवन के 5 साल का कड़ा परिश्रम, बदल देगा आगे के 50 साल का भविष्य'

कुलभास्कर आश्रम पीजी कॉलेज में समर इंटर्नशिप के दौरान मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. सुग्रीव सिंह ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र।

Jul 09, 2026 - 21:29
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'जीवन के 5 साल का कड़ा परिश्रम, बदल देगा आगे के 50 साल का भविष्य'

प्रयागराज। कुलभास्कर आश्रम पी.जी. कॉलेज, प्रयागराज में इन दिनों युवाओं के कौशल विकास और सर्वांगीण उन्नति के लिए एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। कॉलेज में खेल उत्थान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक महीने का "समर इंटर्नशिप/ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑन कम्युनिकेशन स्किल्स, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, हेल्थ एंड न्यूट्रिशन" आयोजित किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम की श्रृंखला में आज, 09 जुलाई 2026 को विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए एक बेहद प्रभावशाली और प्रेरणादायी व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया।

यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. गीतांजलि मौर्य के कुशल संरक्षण और मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में समन्वयक प्रो. पवन कुमार पचौरी और सह-समन्वयक डॉ. आदेश कुमार वर्मा की मुख्य भूमिका रही है। आज के विशेष सत्र में मॉडल करियर सेंटर, प्रयागराज के लाइब्रेरियन-कम-काउंसलर और प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. सुग्रीव सिंह ने मुख्य वक्ता (रिसोर्स पर्सन) के रूप में शिरकत की और छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

अपने बेहद ऊर्जावान और ओजस्वी संबोधन में डॉ. सुग्रीव सिंह ने युवाओं को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य-निर्धारण, कड़े अनुशासन, सकारात्मक दृष्टिकोण और समय प्रबंधन का महत्व समझाया। उन्होंने छात्रों के सामने एक बेहद व्यावहारिक गणित रखते हुए कहा, "यदि कोई विद्यार्थी अपने जीवन के शुरुआती केवल 5 वर्ष पूरी निष्ठा, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के साथ अपने अध्ययन और कौशल (स्किल्स) को निखारने में निवेश करता है, तो यही 5 साल उसके आने वाले 50 वर्षों के शानदार और उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव तैयार करते हैं।"

उन्होंने छात्रों को पारंपरिक सोच से बाहर निकलने की सलाह देते हुए कहा कि आज के दौर में सिर्फ कागजी डिग्री हासिल कर लेना काफी नहीं है। वर्तमान के इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक युग में ज्ञान के साथ-साथ आपकी व्यवहार कुशलता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रभावी संवाद शैली (कम्युनिकेशन स्किल्स) ही आपको दूसरों से अलग खड़ा करती है और यही आपकी सफलता की असली चाबी है।

इस व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। छात्रों ने न केवल वक्ता के विचारों को ध्यान से सुना, बल्कि अपने करियर और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

सत्र के समापन पर कार्यक्रम के सह-समन्वयक डॉ. आदेश कुमार वर्मा ने मुख्य वक्ता डॉ. सुग्रीव सिंह के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। उन्होंने कहा कि इस तरह के ज्ञानवर्धक सत्र विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को बाहर लाने और उनके करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होते हैं। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. पवन कुमार पचौरी के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।

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