प्रयागराज में 'शक्ति प्रदर्शन': हजारों आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने घेरा डीएम कार्यालय, 'आर-पार' की लड़ाई का ऐलान
प्रयागराज में हजारों आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने डीएम कार्यालय घेरा। सरकारी कर्मचारी का दर्जा और पेंशन की मांग को लेकर दी चेतावनी।
प्रयागराज: अपनी लंबित मांगों और मानदेय की विसंगतियों को लेकर प्रयागराज जनपद की हजारों आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने बृहस्पतिवार को सड़क पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय से विकास भवन होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक विशाल जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जुलूस का नेतृत्व कर रहे संघ के मंडल संरक्षक संतोष मिश्र, जिला संरक्षक मौजी लाल रावत और प्रदेश प्रभारी श्याम सूरत पांडेय ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारें आंगनवाड़ियों से काम तो जरूरत से ज्यादा ले रही हैं, लेकिन पारिश्रमिक के नाम पर बेहद कम भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने इसे 'काम ज्यादा, दाम कम' की नीति करार देते हुए सरकार की वादाखिलाफी बताया।
- आंदोलित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- आंगनवाड़ी और सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।
- उन्हें सम्मानजनक न्यूनतम वेतन दिया जाए।
- सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ सुनिश्चित हो।
संयुक्त मोर्चा की संयोजिका गीतांजलि मौर्य ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 8 मार्च (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस) से पहले मुख्यमंत्री ने मांग पत्र पर गंभीरतापूर्वक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेश भर की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां लखनऊ कूच करेंगी और एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।
इस प्रदर्शन में जनपद के लगभग सभी प्रमुख ब्लॉकों की भागीदारी रही। शंकरगढ़, मांडा, कौंधियारा, फूलपुर, होलागढ़, मऊआइमा, कौड़िहार, जसरा, मेजा, सोरांव, बहरिया, धनुपुर, बहादुरपुर, चाका, हंडिया और कोरांव से हजारों की संख्या में कार्यकत्रियां इस जुलूस में शामिल हुईं। प्रदर्शन के अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया।
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