डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट में लगेगी मोबाइल कोर्ट, राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी उठाएगी 100 से अधिक दिव्यांगजनों के मुद्दे
कानपुर में राज्य आयुक्त दिव्यांगजन की मोबाइल कोर्ट आयोजित होगी। राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी इसमें पुलिस उत्पीड़न, जमीन कब्जे और योजनाओं में भ्रष्टाचार से जुड़े 100 मामले उठाएगी
कानपुर: दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। शहर के लखनपुर स्थित डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन परिसर में राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश की विशेष 'मोबाइल कोर्ट' का आयोजन किया जाएगा। इस मोबाइल कोर्ट में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी सक्रिय रूप से भाग लेते हुए दिव्यांगजनों की गंभीर समस्याओं और शिकायतों से जुड़े लगभग 100 से अधिक मामले प्रमुखता से उठाएगी।
राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मोबाइल कोर्ट के समक्ष मुख्य रूप से पुलिस उत्पीड़न, नौकरी में अधिकार, आवास आवंटन, दुकान, मकान व जमीनों पर अवैध कब्जे तथा दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों के मनमाने स्थानांतरण जैसे गंभीर मामलों को रखा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के विभिन्न थानों में पुलिस दिव्यांगजनों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेती और उत्पीड़न के मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) तक दर्ज करने में टालमटोल करती है, जिससे पीड़ितों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी दिव्यांगजनों को शासन द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ देने के बजाय उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं। इस मोबाइल कोर्ट में डूडा (DUDA) के परियोजना अधिकारी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही का मामला भी साक्ष्यों के साथ प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे इस अदालत के माध्यम से पीड़ित दिव्यांगों को उनका हक और न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध हैं। प्रशासन की इस मोबाइल कोर्ट पहल से कई वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे दिव्यांगजनों को त्वरित राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
(संजय शुक्ला)
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