ब्रज रज में रमीं राष्ट्रपति: नंगे पांव चलीं द्रौपदी मुर्मू, 'राधे-राधे' के उद्घोष के बीच पूर्ण की गिरिराज परिक्रमा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा में नंगे पांव और गोल्फ कार्ट से गिरिराज परिक्रमा कर तीन दिवसीय आध्यात्मिक प्रवास संपन्न किया।
मथुरा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय धार्मिक प्रवास का अंतिम दिन पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में डूबा नजर आया। शनिवार को देश की प्रथम नागरिक ने गोवर्धन की पावन तलहटी में न केवल मत्था टेका, बल्कि ब्रज की परंपरा का सम्मान करते हुए कुछ दूर नंगे पांव चलकर अपनी आस्था प्रकट की। उनके इस आध्यात्मिक स्वरूप को देख स्थानीय श्रद्धालु और ब्रजवासी गदगद हो गए।
राष्ट्रपति मुर्मू शनिवार सुबह गोवर्धन के प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर पहुँचीं। यहाँ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने उनका भव्य स्वागत किया। मंदिर के रिसीवर ललित पुरोहित ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ राष्ट्रपति को सपरिवार पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद उन्होंने 'गिरिराज महाराज की जय' के जयकारों के बीच गोल्फ कार्ट से 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा शुरू की।
राष्ट्रपति के स्वागत में समूचे परिक्रमा मार्ग को फूलों और तोरण द्वारों से सजाया गया था। संस्कृत विद्यालयों के बटुकों द्वारा किए जा रहे वेद पाठ ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। परिक्रमा के दौरान राष्ट्रपति ने हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी सीपी सिंह ने सुरक्षा और स्वच्छता की कमान संभाली, जिससे पूरी व्यवस्था अभेद्य और भव्य नजर आई।
परिक्रमा पूर्ण करने के बाद राष्ट्रपति पेंठा स्थित हेलीपैड पहुँचीं, जहाँ सांसद हेमा मालिनी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस तीन दिवसीय दौरे ने ब्रज की धार्मिक पर्यटन क्षमता को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दी है। शाम को राष्ट्रपति और राज्यपाल हेलीकॉप्टर से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
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