साइप्रस में भारतीय कला का डंका: मधुबनी और वारली ने मोहा मन

साइप्रस में हुए MBS वेल-बीइंग फेस्टिवल में 'एक जिला-एक उत्पाद' पहल के तहत वारली आर्ट और मधुबनी पेंटिंग ने खूब सुर्खियां बटोरीं।

Dec 4, 2025 - 20:27
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साइप्रस में भारतीय कला का डंका: मधुबनी और वारली ने मोहा मन

निकोसिया : साइप्रस की राजधानी निकोसिया में भारतीय कला और शिल्प की अनूठी छटा देखने को मिली। 3 दिसंबर 2025 को साइप्रस स्थित भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित एमबीएस वेल-बीइंग फेस्टिवल में ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ पवेलियन आकर्षण का केंद्र रहा। इस आयोजन में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) पहल के तहत कई राज्यों के खास उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।

विशेष रूप से, महाराष्ट्र की वारली आर्ट और बिहार की विश्व-प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग ने स्थानीय कला प्रेमियों और भारतीय मूल के नागरिकों का ध्यान सबसे ज़्यादा खींचा। इन कलाकृतियों की बारीकी और प्रामाणिकता ने आगंतुकों को बेहद प्रभावित किया। भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किया कि इन पारंपरिक कलाओं ने अपनी 'कलात्मक गहराई' और 'असलीपन' के लिए सराहना बटोरी।

हाई कमिश्नर मनीष गुप्ता और मैडम प्रीति गुप्ता ने भारतीय स्टॉल का दौरा किया और प्रदर्शकों एवं उपस्थित लोगों से बातचीत की। उन्होंने भारतीय पारंपरिक कला एवं शिल्प को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया की सराहना की। ओडीओपी पहल का उद्देश्य विदेशी धरती पर भारत के विभिन्न राज्यों की प्राचीन एवं दुर्लभ कला को वैश्विक मंच प्रदान करना है।

निकोसिया में भारत का हाई कमीशन सांस्कृतिक कूटनीति और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इस पहल को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। साइप्रस के बाज़ार के साथ भारतीय कारीगरी को जोड़कर, यह मिशन सतत पर्यटन और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूत कर रहा है। उच्चायोग के इन प्रयासों को 2024 में विदेशों में भारतीय उत्पादों के शानदार प्रचार के लिए नेशनल ओडीओपी अवॉर्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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