यूपी में डिफेंस लैंड पर पहला बड़ा सोलर प्रोजेक्ट, चमकेगा एनर्जी सेक्टर।
रक्षा मंत्रालय ने यूपी के सीतापुर में सैन्य भूमि पर 250 मेगावाट का पहला बड़ा सोलर-प्लस-स्टोरेज प्रोजेक्ट मंजूर किया है।
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूपी के सीतापुर में खाली पड़ी लगभग 850 एकड़ डिफेंस लैंड (सैन्य भूमि) पर 250 मेगावाट (MW) क्षमता के बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
रक्षा मंत्रालय (MoD) द्वारा सैन्य भूमि के सही इस्तेमाल और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए देश में शुरू की गई यह अपने तरह की पहली और सबसे बड़ी परियोजना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम' (BESS) भी एकीकृत (Integrate) होगा। इसका मतलब है कि धूप न होने या रात के समय भी बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस मेगा प्रोजेक्ट को लागू करने की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज बिजली कंपनी एनटीपीसी (NTPC Limited) को सौंपी गई है, जो प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से इसे विकसित करेगी। राज्य के एनर्जी सेक्टर को कैसे मिलेगा बूस्ट?यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के साथ-साथ भारतीय सेना के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगा। वर्तमान में रक्षा प्रतिष्ठानों को बिजली ग्रिड से महंगी पारंपरिक बिजली खरीदनी पड़ती है।
इस सोलर प्लांट के चालू होने से न सिर्फ सेना को सस्ती और स्वच्छ ग्रीन एनर्जी मिलेगी, बल्कि सरकारी खजाने पर से बिजली खर्च का भारी बोझ भी कम होगा। यूपी के पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से यह मील का पत्थर है क्योंकि यह भविष्य के सोलर-प्लस-स्टोरेज ग्रिड मॉडल्स के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करेगा। इसके अलावा, यह उत्तर प्रदेश सरकार के 'ग्रीन एनर्जी' और नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने की गति को और तेज कर देगा।
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