गैस सिलेंडर में कम वजन का खेल, वीडियो वायरल होने के बाद आपूर्ति विभाग के दावों की खुली पोल

अम्बेडकरनगर की एक गैस एजेंसी पर सिलेंडर में 2-3 किलो कम गैस देने का वीडियो वायरल, जांच की उठी मांग

Apr 29, 2026 - 21:52
 0  1
गैस सिलेंडर में कम वजन का खेल, वीडियो वायरल होने के बाद आपूर्ति विभाग के दावों की खुली पोल

अम्बेडकरनगर : इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के उतरेथु स्थित एक गैस एजेंसी पर रसोई गैस की कालाबाजारी और घटतौली का गंभीर आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एजेंसी द्वारा प्रति सिलेंडर 2 से 3 किलो गैस की चोरी की जा रही है।

वायरल वीडियो इब्राहिमपुर क्षेत्र के भड़सरी निवासी विकास कुमार का बताया जा रहा है। वीडियो में विकास सिलेंडर का वजन कराते हुए दिखा रहे हैं, जिसमें एक सिलेंडर का वजन मात्र 27 किलो और दूसरे का 28 किलो निकला।

मानक बनाम हकीकत: नियमानुसार, एक भरे हुए रसोई गैस सिलेंडर का कुल वजन (खाली वजन + 14.2 किलो गैस) लगभग 29.5 से 30.5 किलो के बीच होना चाहिए।

घटतौली का तरीका: स्थानीय लोगों का आरोप है कि जो ग्राहक जागरूक होकर वजन चेक करते हैं, उन्हें तो सही सिलेंडर दे दिया जाता है, लेकिन सीधे-साधे ग्रामीणों को कम वजन वाले सिलेंडर थमा दिए जाते हैं।

ग्रामीणों ने गैस एजेंसी के वितरण के तरीकों पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि:

  • ब्लैक में बिक्री: सिलेंडर की बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को समय पर गैस नहीं मिलती, जबकि ऊंचे दामों पर ब्लैक में गैस बेची जा रही है।
  • रात का खेल: वितरण अक्सर देर रात में किया जाता है, ताकि घटतौली की भनक किसी को न लगे।
  • पक्षपात: एजेंसी द्वारा कुछ रसूखदार लोगों को प्राथमिकता के आधार पर गैस दी जाती है, जबकि आम उपभोक्ता भटकने को मजबूर हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद जब ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोप है कि वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कुछ अधिकारियों ने तो फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। विभाग की इस बेरुखी ने उपभोक्ताओं के गुस्से को और हवा दे दी है।

ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मांग की है कि:

  • एजेंसी के स्टॉक और वितरण रजिस्टर की निष्पक्ष जांच हो।
  • घटतौली करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाए।
  • भविष्य में गैस वितरण के समय 'इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन' से वजन दिखाना अनिवार्य किया जाए।
  • अब सबकी नजरें आपूर्ति विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस खुली लूट पर कब और क्या कार्रवाई करते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0