न्यायालय के आदेश को ठेंगा: कौशाम्बी में 'सट्टेबाज' राजस्व अधिकारी की शह पर भू-माफिया ने दौड़ाया ट्रैक्टर, पीड़ित वकील को दी जान से मारने की धमकी
कौशाम्बी में न्यायालय के स्थगनादेश के बाद भी सट्टेबाज राजस्व अधिकारी के संरक्षण में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
(एडवोकेट अजय पण्डा / ब्यूरो)
कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही भू-माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति और बुल्डोजर कार्रवाई का दम भरती हो, लेकिन धरातल पर कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ सरकार के इन दावों को ठेंगा दिखा रही है। ताजा मामला कौशाम्बी जनपद के सिराथू तहसील से सामने आया है, जहाँ एक विवादित 'सट्टेबाज' राजस्व अधिकारी के संरक्षण में भू-माफियाओं द्वारा न सिर्फ सरकारी बंजर भूमि पर अवैध कब्जे का खेल खेला जा रहा है, बल्कि न्यायालय के स्थगनादेश की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विरोध करने पर पीड़ित अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी दी गई है, जिससे उनका परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बाद भी जबरन जुताई
पूरा मामला कड़ा धाम थाना क्षेत्र के ग्राम स्वातखत कड़ा का है। जानकारी के अनुसार, भूमि संख्या-61मि0 (रकबा 0.2630 हेक्टेयर) को लेकर न्यायालय सिविल जज (कनिष्ठ श्रेणी) कौशाम्बी में एक वाद (संख्या 680/2017 - वीरेंद्र बहादुर बनाम लवकुश माली आदि) विचाराधीन है। इस जमीन पर न्यायालय द्वारा 19 जनवरी 2023 को स्थायी स्थगनादेश (Stay Order) जारी किया गया था।
इसके बावजूद, 12 जून 2026 को विपक्षी अनमोल (निवासी पूरामुफ़्ती, प्रयागराज), विपिन बिहारी, और विजय कुमार उर्फ गुड्डू मौर्य अपने 6-7 अज्ञात साथियों के साथ ट्रैक्टर लेकर जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुँच गए और जबरन जुताई शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता को मिली धमकी, सायरन सुन भागे आरोपी
वादी के पुत्र अजय कुमार (एडवोकेट) ने जब मौके पर पहुँचकर इस अवैध कृत्य का विरोध किया, तो भू-माफियाओं ने कानून का खौफ ताक पर रखकर उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित अधिवक्ता ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए यूपी डायल 112 और स्थानीय देवीगंज पुलिस चौकी को फोन पर सूचना दी। पुलिस की पीआरवी गाड़ी का सायरन सुनते ही आरोपी ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पीड़ित का आरोप: "यह पूरा खेल सिराथू तहसील में तैनात एक विवादित राजस्व अधिकारी के इशारे और संरक्षण में चल रहा है। वह अधिकारी खुद सट्टेबाजी की गतिविधियों में संलिप्त रहता है और भू-माफियाओं को सरकारी जमीनें निगलने की खुली छूट दे रहा है।"
अधिकारियों की चुप्पी और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद पीड़ित अधिवक्ता अजय कुमार ने जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर लिखित शिकायत भेजकर अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। अधिवक्ता का कहना है कि बार-बार मिल रही धमकियों से उनका परिवार गहरे दहशत में है। उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—शासन की या प्रशासन की?
इस गंभीर मामले में जब उप जिलाधिकारी (SDM) से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका। वहीं, कड़ा धाम पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर मिल चुकी है और मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। अब देखना यह है कि क्या शासन इन भ्रष्ट तंत्रों पर नकेल कस पाता है या भू-माफियाओं का यह खेल यूँ ही अनवरत चलता रहेगा।
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