सादगी के प्रतीक जननायक कर्पूरी ठाकुर किसी एक समाज के नहीं, पूरे राष्ट्र के थे: राजीव द्विवेदी

कानपुर में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर गोष्ठी आयोजित, उनके सादगीपूर्ण जीवन और क्रांतिकारी विचारों पर हुई चर्चा।

Jan 24, 2026 - 21:29
 0  2
सादगी के प्रतीक जननायक कर्पूरी ठाकुर किसी एक समाज के नहीं, पूरे राष्ट्र के थे: राजीव द्विवेदी

कानपुर। उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस (मध्य जोन) के तत्वावधान में शनिवार को भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कल्याणपुर के केशवपुरम आवास विकास में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र चंचल कुशवाहा ने किया।

गोष्ठी में मुख्य वक्ता और विशिष्ट अतिथि राजीव द्विवेदी (एडवोकेट) ने जननायक के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्पूरी ठाकुर केवल एक जाति या समाज के नेता नहीं थे, बल्कि वह समूचे भारत के क्रांतिकारी नायक थे। उन्होंने कहा कि उनके बताए गए न्याय और समानता के मार्ग पर चलकर ही देश को उन्नति के शिखर पर ले जाया जा सकता है।

कार्यक्रम के संयोजक नरेन्द्र चंचल कुशवाहा ने कर्पूरी ठाकुर की ईमानदारी का भावुक उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "एक गरीब परिवार में जन्म लेकर दो बार मुख्यमंत्री पद संभालने के बावजूद उन्होंने कभी निजी संपत्ति नहीं बनाई। वह ताउम्र अपनी झोपड़ी में ही रहे। आज के युवाओं के लिए उनका यह त्याग और निष्काम सेवा भाव एक बहुत बड़ी प्रेरणा है।"

गोष्ठी के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने संकल्प लिया कि जननायक के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। इस अवसर पर उमेश दीक्षित, तुफैल अहमद खान, शम्भू शंकर शर्मा, मोनू शुक्ला, हरि राम कटियार, नन्द किशोर कटियार, उदय शंकर शुक्ला, मो. फरदीन, रमेश सैनी, बृजेश कुशवाहा, जीतू कन्नौजिया, हर गोविंद यादव और राजेन्द्र कुमार सविता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0