कौशाम्बी में 'संविधान संवाद' प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न: डायट में प्रवक्ताओं को दिए गए संविधान के मूल्यों और मौलिक अधिकारों के पाठ
कौशाम्बी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में 'संविधान संवाद' प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां प्रवक्ताओं को संविधान के मूल्यों और मौलिक अधिकारों की जानकारी दी गई।
कौशाम्बी: जनपद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), मंझनपुर, कौशाम्बी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 27 अक्टूबर 2026 को 'संविधान संवाद' विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों के प्रवक्ताओं को भारतीय संविधान के मूलभूत सिद्धांतों, संवैधानिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों और विधिक जागरूकता से अवगत कराना था, ताकि वे इन महत्वपूर्ण जानकारियों को विद्यार्थियों और समाज के अन्य वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुँचा सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यायपालिका और विधिक जगत के कई प्रतिष्ठित अधिकारियों ने अपने विचार रखे। अपर जनपद न्यायाधीश चतुर्थ श्री प्रकाश चंद्र शुक्ला ने विधि के शासन, समानता के सिद्धांत और न्याय तक समान पहुँच जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हुए समाज में विधिक जागरूकता फैलाने में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया।
अपर जनपद न्यायाधीश पंचम श्री अशोक कुमार यादव ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान नागरिकों को अधिकार देने के साथ कर्तव्यों का बोध भी कराता है। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को संविधान के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता जताई, ताकि युवा पीढ़ी समाज को एक बेहतर दिशा दे सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री प्रिया सिंह ने अपने संबोधन में 26 नवंबर 1949 को संविधान के अंगीकृत होने और 26 जनवरी 1950 को लागू होने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि साझा की। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के योगदान को याद करते हुए प्रस्तावना में निहित स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व के आदर्शों को दैनिक जीवन में उतारने का आह्वान किया। साथ ही संविधान के भाग-3 (अनुच्छेद 12 से 35) में वर्णित छह मौलिक अधिकारों—समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार और संवैधानिक उपचारों के अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री अमित मिश्रा ने भी कार्यक्रम में अपने बहुमूल्य विचार रखे।
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