गर्भवती पत्नी और 5 साल की मासूम को पति ने दर-दर भटकने पर किया मजबूर, कौशाम्बी में इंसाफ की गुहार
कौशाम्बी में 6 साल की शादी के बाद गर्भवती पत्नी और मासूम बेटी को पति ने घर से निकाला। पीड़िता आसिया अब दर-दर भटककर इंसाफ और भरण-पोषण की मांग कर रही हैं।
कौशाम्बी : उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक दुखद मामला सामने आया है, जहां शादी के 6 साल बाद एक गर्भवती महिला को उसकी 5 वर्ष की मासूम बेटी के साथ पति ने बेसहारा छोड़ दिया। कड़ा धाम थाना क्षेत्र के फरीदागंज गांव की रहने वाली आसिया राइन आज अपनी और अपने अजन्मे बच्चे की सलामती व न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, आसिया का विवाह 6 वर्ष पूर्व मौलवीपुर निवासी रितेश कुमार के साथ हुआ था। शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था और दोनों की एक 5 साल की बेटी भी है। हालांकि, कुछ समय से घर के खर्चों को लेकर पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आसिया अपने मायके फरीदागंज आकर रहने लगीं।
हाल ही में जब गर्भवती आसिया की डिलीवरी का समय नजदीक आया, तो उन्होंने अपने पति रितेश से बात की और ससुराल वापस ले जाने का अनुरोध किया। पीड़िता का आरोप है कि इस बात पर पति रितेश आपे से बाहर हो गया और उसने आसिया को साफ शब्दों में ठुकराते हुए कह दिया कि "मेरा और तेरा अब कोई वास्ता नहीं है, तू चाहे जहां जा, मैं तुझे अपने साथ नहीं रखूंगा।"
पति के इस कठोर रवैये के बाद पीड़िता ने कानून का दरवाजा खटखटाया, लेकिन आरोप है कि विधिक कार्रवाई का कदम उठाने के बावजूद उन्हें अब तक कोई राहत या ठोस मदद नहीं मिली है। एक तरफ पेट में पल रही नई जिंदगी और दूसरी तरफ 5 साल की मासूम बेटी की जिम्मेदारी के बीच आसिया खुद को असहाय महसूस कर रही हैं।
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और महिला संगठनों में काफी आक्रोश है। समाज सेवियों ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए और पीड़िता को कानूनी संरक्षण के साथ-साथ भरण-पोषण दिलाया जाए, ताकि एक गर्भवती महिला और उसकी बेकसूर बच्ची का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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