यूपी में 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश: विकास और उद्योग को मिलेगी रफ्तार, जानें किसे मिला कितना बजट
योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। भारी उद्योग, ऊर्जा, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को मिला बड़ा फंड। जानिए मुख्य बातें।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश किया। यह अनुपूरक बजट इस वर्ष के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है। सरकार का मुख्य ध्यान राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं को गति देने, नई जन-कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने और औद्योगिक व ग्रामीण बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने पर है।
इस अनुपूरक बजट को शामिल करने के बाद उत्तर प्रदेश का कुल वार्षिक बजट आकार अब बढ़कर 9.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक (₹9,71,715.89 करोड़) हो गया है, जो राज्य के आर्थिक अनुशासन और सशक्त प्रबंधन को दर्शाता है।
पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) पर विशेष जोर
- योगी सरकार ने इस अनुपूरक बजट में विकास कार्यों और बुनियादी ढांचागत विस्तार को प्राथमिकता दी है:
- पूंजी लेखे का व्यय: ₹41,620.04 करोड़ (कुल अनुपूरक बजट का बड़ा हिस्सा)
- राजस्व लेखे का व्यय: ₹17,399.50 करोड़
- नई मांगों के लिए आवंटन: ₹7,854.25 करोड़
पूंजीगत व्यय पर ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य राज्य में सड़कों, पुलों, ऊर्जा नेटवर्क, औद्योगिक गलियारों और चिकित्सा ढांचे का तेजी से विस्तार करना है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिल सके।
विभागवार बजट आवंटन: किसे कितना मिला?
अनुपूरक बजट में विभिन्न प्रमुख विभागों के लिए आवंटित प्रमुख धनराशियों का विवरण नीचे दिया गया है:
| विभाग / क्षेत्र | आवंटित बजट (₹ करोड़ में) | मुख्य उद्देश्य |
| भारी एवं मध्यम उद्योग | ₹22,107.88 | औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती |
| ग्राम विकास विभाग | ₹17,942.73 | ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, पंचायती विकास और आजीविका |
| ऊर्जा विभाग | ₹7,422.27 | निर्बाध बिजली आपूर्ति और ऊर्जा ढांचे का सुदृढ़ीकरण |
| चिकित्सा व स्वास्थ्य | ₹2,000.25 | अस्पतालों का विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण |
| समाज कल्याण विभाग | ₹1,655.00 | सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाएं |
| महिला कल्याण विभाग | ₹1,094.40 | महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा और कल्याण योजनाएं |
| लोक निर्माण विभाग (PWD) | ₹700.01 | सड़क निर्माण, पुलों का निर्माण व ढांचागत सुधार |
सेक्टरवार बजट विभाजन (Sector-wise Breakup)
सरकार ने 59,019.14 करोड़ रुपये की कुल अनुपूरक मांग को विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार विभाजित किया है:
- आर्थिक सेवाएं (Economic Services): ₹45,568.63 करोड़ (लगभग 77%) — उद्योग, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों के लिए।
सामाजिक सेवाएं (Social Services): ₹9,707.74 करोड़ (लगभग 16%) — स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण के लिए।
- कर्ज और उधार दायित्व: ₹3,110.02 करोड़ (लगभग 6%)
- सामान्य सेवाएं (General Services): ₹633.19 करोड़ (लगभग 1%)
वित्तीय अनुशासन और बढ़ा हुआ कुल बजट
सदन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) तय कानूनी सीमा के भीतर बना हुआ है।
- मूल बजट (2026-27): ₹9,12,696.35 करोड़
- अनुपूरक बजट जोड़ा गया: ₹59,019.54 करोड़
- नया कुल बजट आकार: ₹9,71,715.89 करोड़
इस नए आंकड़े के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य बजट पेश करने वाले राज्यों की अग्रिम पंक्ति में और मजबूती से खड़ा हो गया है।
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