देश भर में बढ़ रहे H1N1 स्वाइन फ्लू के मामले: प्रयागराज के SRN अस्पताल में हाई अलर्ट, तैयार किए गए विशेष वार्ड
देशभर में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में अलर्ट। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान और आइसोलेशन-वेंटिलेटर वार्ड की तैयारियां पूरी।
प्रयागराज: देश के विभिन्न राज्यों में इन्फ्लुएंजा A (H1N1) यानी 'स्वाइन फ्लू' के मामलों में अचानक दर्ज की गई मौसमी बढ़ोतरी को देखते हुए प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) चिकित्सालय ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। अस्पताल प्रशासन ने संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच, और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के बाद दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बढ़ते मामलों को देखते हुए मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और एसआरएन अस्पताल प्रबंधन ने संयुक्त रूप से तैयारियां तेज कर दी हैं।
विभिन्न राज्यों में H1N1 का आंकड़ा
- दिल्ली: 2,300 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
- महाराष्ट्र: मुंबई और पुणे मिलाकर 1,100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
- कर्नाटक: 32 जिलों में लगभग 4,200 से ज्यादा इन्फ्लुएंजा पॉजिटिव केस पाए गए हैं।
- उत्तराखंड: देहरादून में 49 पुष्ट मामलों के साथ मौतों की रिपोर्ट सामने आई है।
SRN अस्पताल में क्या हैं तैयारियां?
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. ए.के. वर्मा और प्रमुख अधीक्षक प्रो. डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि अस्पताल में फ्लू (ILI और SARI) के लक्षणों वाले मरीजों की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है:
क्रिटिकल केयर व्यवस्था: सांस लेने में अत्यधिक परेशानी वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटिलेटर और ICU वार्ड तैयार रखे गए हैं।
स्टाफ व संक्रमण नियंत्रण: स्वास्थ्यकर्मियों के लिए N95 मास्क, PPE किट, और एंटीवायरल दवा 'Oseltamivir' की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
विभागीय समन्वय: मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी, बाल रोग और एनेस्थीसिया विभाग मिलकर संदिग्ध मरीजों के प्रबंधन का काम करेंगे।
हाई-रिस्क मरीज रहें सावधान
मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज माथुर के अनुसार, यह एक मौसमी बढ़ोतरी है और ICMR के मुताबिक वर्तमान में H1N1 pdm09 स्ट्रेन ही सक्रिय है (कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है)। सामान्य लोग दवाइयों से ठीक हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, और डायबिटीज व दिल की बीमारी से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रमुख लक्षण एवं बचाव के उपाय
- लक्षण: तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, अत्यधिक थकान और सांस फूलना।
- बचाव: खांसते-छींकते समय मुंह ढकें, हाथों को नियमित साबुन से धोएं, और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।
(जैनुल आब्दीन)
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