मेदांता लखनऊ ने शुरू किया 'टालो मत, पहचानो' अभियान: मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षणों के प्रति लोगों को किया जागरूक

मेदांता लखनऊ ने ओरल कैंसर की समय पर पहचान के लिए 'टालो मत, पहचानो' अभियान शुरू किया। विशेषज्ञों ने 2 हफ्ते के नियम और S.M.I.L.E. चेक की दी जानकारी।

Aug 27, 2026 - 22:19
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मेदांता लखनऊ ने शुरू किया 'टालो मत, पहचानो' अभियान: मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षणों के प्रति लोगों को किया जागरूक

लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय) : भारत के प्रमुख निजी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल मेदांता ने मुंह के कैंसर (ओरल कैंसर) के शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान और त्वरित इलाज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘टालो मत, पहचानो’ नाम से एक देशव्यापी जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। भारत में हर साल लगभग 1.4 लाख लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं, यानी प्रतिदिन 400 मामले सामने आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मेदांता लखनऊ में 27 अगस्त 2026 को एक विशेष इंटरैक्टिव ओरल कैंसर अवेयरनेस ज़ोन का उद्घाटन किया गया।

मेदांता के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहन और मेदांता लखनऊ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि मुंह में 14 दिनों (2 हफ्ते) से अधिक समय तक रहने वाला कोई भी घाव, छाला, या लाल-सफेद धब्बा किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। तंबाकू, धूम्रपान, शराब का सेवन, नुकीले दांत और गलत फिटिंग वाले नकली दांत इस बीमारी के प्रमुख जोखिम कारक हैं। हेड एंड नेक ऑन्को सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. विवेकानंद सिंह ने जोर देकर कहा कि शुरुआती चरण में बीमारी पकड़े जाने से इलाज न केवल आसान होता है, बल्कि मरीज के जीवन की गुणवत्ता भी बनी रहती है।

अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए S.M.I.L.E. फार्मूला जारी किया गया है:

  • S (Sore): ऐसे घाव या छाले जो ठीक न हो रहे हों।
  • M (Marks): मुंह के भीतर सफेद या लाल रंग के असामान्य दाग।
  • I (Ill-fitting dentures): सही फिटिंग न होने वाले नकली दांत।
  • L (Loose teeth): बिना किसी कारण के दांतों का ढीला होना।
  • E (Eating difficulty): खाना चबाने या निगलने में तकलीफ महसूस होना।

मेदांता ने इस संदर्भ में डिजिटल फिल्में और विशेषज्ञ डॉक्टरों के सलाहकारी वीडियो भी जारी किए हैं। अस्पताल में मल्टीडिसिप्लिनरी टीम (सर्जन, ऑन्कोलॉजिस्ट, डेंटल विशेषज्ञ और न्यूट्रिशनिस्ट) द्वारा हर मरीज के लिए व्यक्तिगत इलाज योजना तैयार की जाती है। परामर्श और अधिक जानकारी के लिए मेदांता ने हेल्पलाइन नंबर 88-0000-1068 जारी किया है।

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