'झंकार 2025' में बिखरे भारतीय संस्कृति के रंग: नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल

कानपुर के आर्चीज एजुकेशन सेंटर ने 'झंकार 2025' का आयोजन किया, जिसमें छात्रों ने भारतीय संस्कृति की शानदार प्रस्तुतियां दीं।

Dec 19, 2025 - 21:33
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'झंकार 2025' में बिखरे भारतीय संस्कृति के रंग: नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल

कानपुर। श्याम नगर स्थित आर्चीज एजुकेशन सेंटर का वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव 'झंकार 2025' लाजपत भवन सभागार में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस समारोह ने न केवल कला का प्रदर्शन किया, बल्कि आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों के मेल की एक सुंदर तस्वीर भी पेश की।

भव्य शुभारंभ और सांस्कृतिक छटा
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एसडीएम विवेक मिश्रा और उत्तर प्रदेश टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव पाठक ने दीप प्रज्वलन कर किया। समारोह में स्कूली बच्चों ने भारतीय संस्कृति के विविध रूपों को नृत्य नाटिकाओं और समूह गान के माध्यम से जीवंत कर दिया। विशेष रूप से पौराणिक कथाओं और महाकाव्यों पर आधारित संगीतमय प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

नन्हे सितारों का जलवा
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण प्ले ग्रुप और नर्सरी के नन्हे बच्चों की प्रस्तुतियां रहीं। छोटे बच्चों ने जिस लय-ताल और अनुशासन के साथ मंच पर अपनी कला दिखाई, उसने अभिभावकों और निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

मूल्यों पर आधारित शिक्षा
विद्यालय के प्रबंधक मयंक बाजपेई और निर्देशिका ओशमी बाजपेई ने अपने संबोधन में सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों में अनुशासन और जीवन मूल्यों का संचार केवल किताबी ज्ञान से नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति से जुड़ाव के माध्यम से ही संभव है। मुख्य अतिथि विवेक मिश्रा ने भी स्कूल की सराहना करते हुए कहा कि एक स्वस्थ समाज की नींव विद्यालयों में ही रखी जाती है।

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