कानपुर: सिद्धपीठ श्री जंगली देवी मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, 40 वर्षों की परंपरा में हजारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
कानपुर के किदवई नगर स्थित प्रसिद्ध जंगली देवी मंदिर में महानवमी पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। 40 साल पुरानी परंपरा के तहत हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर मां का आशीर्वाद लिया।
कानपुर : औद्योगिक नगरी कानपुर के किदवई नगर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री जंगली देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक माहौल देखने को मिला। मां की विशेष कृपा पाने के लिए मंदिर प्रांगण में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सुबह से लेकर देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर मां का महाप्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे के शुभारंभ से पूर्व महानवमी के अवसर पर मां जंगली देवी का दिव्य एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया। आचार्यों द्वारा विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां की भव्य आरती उतारी गई। इसके उपरांत माता रानी को छप्पन भोग अर्पित कर महाप्रसाद का वितरण शुरू हुआ। मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही भोर से ही दर्शनार्थियों की लंबी-लंबी कतारें लग चुकी थीं।
मंदिर समिति के महामंत्री पंडित विजय पांडे ने इस आयोजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सिद्धपीठ श्री जंगली देवी दरबार में सामाजिक समरसता और धार्मिक आस्था का यह विशाल भंडारा पिछले 40 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मां के प्रति भक्तों का यह अटूट विश्वास ही है कि हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है और यह पावन परंपरा भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगी।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर समिति की अध्यक्ष माया वर्मा और राघवेंद्र वर्मा ने जानकारी दी कि किसी भी भक्त को दर्शन या प्रसाद ग्रहण करने में असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन के साथ मंदिर समिति के वालंटियर्स और पदाधिकारी मुस्तैद रहे।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में राकेश त्रिपाठी, सुबोध कुमार त्रिपाठी, श्रुति त्रिपाठी, मनोज कपूर, कैलाश पाल, रमेश चंद तिवारी, पुनीत त्रिपाठी, संजीव कुमार शुक्ला और प्रेम शंकर मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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