ग्रामीण पत्रकारों को एआई की शक्ति से किया लैस: एडीरा कार्यक्रम के तहत लखनऊ में विशेष कार्यशाला आयोजित
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने लखनऊ में 'एडीरा' कार्यक्रम के तहत एआई जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया।
लखनऊ : लखनऊ में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में 'एआई फॉर डिजिटल रेडीनेस एंड एडवांसमेंट – एडीरा' (ADIRA) कार्यक्रम के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक विशेष और महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला श्री शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रोजेक्टर रूम में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों को एआई की बुनियादी समझ और व्यावहारिक ज्ञान से लैस करना था।
कार्यशाला का उद्घाटन ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतुल कपूर, लखनऊ मंडलाध्यक्ष अखिलेश सिंह और एआई के मास्टर ट्रेनर डॉ. निमिष कपूर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला के संयोजक और संस्थान के डीन प्रोफेसर विवेक मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए।
एडीरा के मास्टर ट्रेनर और वैज्ञानिक डॉ. निमिष कपूर ने इस जागरूकता कार्यशाला का संचालन किया। इस ऑनलाइन सहभागिता वाली कार्यशाला के लिए लगभग पाँच दर्जन लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से गहन चयन प्रक्रिया के बाद एक दर्जन पत्रकारों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया।
डॉ. कपूर ने बताया कि एडीरा कार्यक्रम भारत सरकार की एआई साक्षरता को बढ़ावा देने की मंशा के अनुरूप चलाया जा रहा है। इसका समन्वय एशियाई वेंचर फिलान्थ्रॉपी नेटवर्क, गूगल और एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा किया जा रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य देश भर में एआई की जन-समझ को बढ़ाना और युवाओं को जिम्मेदार तरीके से एआई का उपयोग करने में सक्षम बनाना है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन को इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
कार्यशाला के दौरान, डॉ. कपूर ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025 का हवाला देते हुए एक महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने बताया कि भारत में 2030 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा विशेषज्ञ जैसी तकनीकी भूमिकाओं की मांग में तेज़ी से वृद्धि होगी। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से इस गलत धारणा को खारिज किया कि एआई के प्रयोग से बड़े पैमाने पर नौकरियाँ समाप्त होंगी, बल्कि नई तकनीकी भूमिकाओं के सृजन पर जोर दिया।
प्रशिक्षण में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों और प्रशिक्षु पत्रकारों को एआई की मूल बातें, जेनरेटिव एआई (Generative AI) एवं प्रॉम्प्टिंग तकनीक (Prompting Technique), विभिन्न एआई टूल्स व एप्लिकेशन, साथ ही एआई के नैतिक पहलू (Ethics) और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन जानकारी दी गई।
डॉ. कपूर ने यह भी स्पष्ट किया कि एडीरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सभी कार्यशालाएं पूरी तरह निःशुल्क होती हैं, जो समावेशी डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इस अवसर पर मंडल महासचिव संजय सिंह, वरिष्ठ पत्रकार नवल किशोर, गंगा शंकर, सुनील तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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