लखनऊ में रचेगा इतिहास: भारत का पहला पुराविज्ञान फिल्म महोत्सव 'पृथ्वी-2026' जुलाई में

Jul 07, 2026 - 11:35
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लखनऊ में रचेगा इतिहास: भारत का पहला पुराविज्ञान फिल्म महोत्सव 'पृथ्वी-2026' जुलाई में

लखनऊ : भारत में विज्ञान संचार को एक क्रांतिकारी और बेहद अनूठी दिशा मिलने जा रही है। देश के इतिहास में पहली बार आयोजित होने जा रहे 'प्रथम पुराविज्ञान फिल्म महोत्सव (पृथ्वी-2026)' की औपचारिक घोषणा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में महोत्सव का आधिकारिक ब्रोशर जारी कर की।

यह गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक आयोजन 23 से 25 जुलाई, 2026 तक लखनऊ स्थित बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (बीएसआईपी) के सभागार में किया जाएगा। इस तीन दिवसीय महोत्सव के संयोजक और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. निमिष कपूर ने बताया कि यह न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया का पहला पुराविज्ञान फिल्म महोत्सव है।

क्या है महोत्सव का मुख्य उद्देश्य?
इस भव्य महोत्सव का मुख्य विषय "दृश्य माध्यमों के माध्यम से पुराविज्ञान अनुसंधान एवं जनसहभागिता" तय किया गया है। इसका मूल उद्देश्य सिनेमा, विज्ञान और आम जनता को एक साझा मंच पर लाना है, ताकि निम्नलिखित गंभीर विषयों को रोचक दृश्यों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा सके:

महोत्सव का मुख्य संदेश: "धरती की कहानियों को जीवंत बनाते हुए, सतत भविष्य के लिए प्रेरणा।"

सात श्रेणियों में दिखाई जाएंगी फिल्में
डॉ. कपूर के अनुसार, इस महोत्सव में देश भर के वैज्ञानिक, स्वतंत्र फिल्मकार, शोधार्थी और छात्र हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता के तहत डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्म, एनीमेशन, साइंस फिक्शन, और जलवायु परिवर्तन सहित कुल सात श्रेणियों में फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी।

फिल्म प्रदर्शन के अलावा, यहाँ "पृथ्वी विज्ञान संचार पर राष्ट्रीय संवाद" का भी आयोजन होगा, जिसमें देश के जाने-माने शिक्षाविद्, मीडिया विशेषज्ञ और नीति-निर्माता मास्टरक्लास और पैनल चर्चा के जरिए अपने विचार साझा करेंगे। इन चयनित फिल्मों का उपयोग भविष्य में स्कूलों और कॉलेजों में शैक्षणिक सामग्री के रूप में किया जाएगा।

यह आयोजन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन बीएसआईपी द्वारा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।

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