बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ वाराणसी ने मनाई चौथी वर्षगांठ
बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ वाराणसी ने सफलता के 4 वर्ष पूरे किए। सेंटर उन्नत तकनीकों, पुरुष-महिला फर्टिलिटी इलाज और जागरूकता अभियानों के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहा है।
वाराणसी। बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, वाराणसी ने वाराणसी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कपल्स को फर्टिलिटी केयर उपलब्ध कराते हुए चार वर्ष पूरे किए हैं। इन वर्षों में वाराणसी सेंटर ने कपल्स के फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को लेकर विचार में बदलाव देखा है। अब अधिक कपल्स अपनी कंडीशन को बेहतर तरीके से समझने के बाद फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से सलाह ले रहे हैं। वाराणसी सेंटर में ऐसे कपल्स की संख्या भी महत्वपूर्ण है, जो कहीं और फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के सफल न होने के बाद सेकंड ओपिनियन के लिए यहां आते हैं।
पिछले चार वर्षों में वाराणसी सेंटर ने कम एग रिजर्व, बिना स्पष्ट कारण के इंफर्टिलिटी, पीएमओएस (जिसे पहले पीसीओएस कहा जाता था), एंडोमेट्रियोसिस, फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी समस्या, अधिक उम्र में प्रेग्नेंसी प्लान करना और बार-बार इंप्लांटेशन फेलियर जैसी कई फर्टिलिटी कंडीशंस के मामलों का इलाज किया है। पुरुषों से जुड़े फर्टिलिटी फैक्टर भी वाराणसी सेंटर के काम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इनमें आईसीएसआई (ICSI) और सर्जिकल स्पर्म रिट्रीवल जैसी विशेष प्रक्रियाओं की जरूरत वाले मामले भी शामिल हैं।
हाल ही में वाराणसी सेंटर में एक 32 वर्षीय कपल का इलाज किया गया, जिसमें दोनों पार्टनर्स में फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं थीं। महिला का एएमएच लेवल 0.73 था और उन्हें हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया और हाइपोथायरॉइडिज्म की समस्या भी थी। वहीं, उनके पति में ऑब्स्ट्रक्टिव एजूस्पर्मिया का निदान हुआ था।
विस्तृत जांच के बाद कपल का आईसीएसआई (ICSI) और टीईएसए (TESA) के जरिए ट्रीटमेंट किया गया। ट्रीटमेंट प्लान के तहत हिस्टेरोस्कोपी भी की गई। ट्रीटमेंट के बाद प्रेग्नेंसी हुई और ट्विन प्रेग्नेंसी की पुष्टि हुई। प्रेग्नेंसी को हाई-रिस्क माना गया, जिसके कारण करीबी मॉनिटरिंग की जरूरत पड़ी और बाद में फीटल रिडक्शन किया गया। इसके बाद महिला पार्टनर ने दो स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया।
यह मामला बताता है कि इंफर्टिलिटी की जांच के दौरान दोनों पार्टनर्स की स्थिति को समझना कितना जरूरी है, खासकर तब जब एक से अधिक फर्टिलिटी फैक्टर्स मौजूद हों। यह केस कोऑर्डिनेटेड ट्रीटमेंट, एडवांस्ड स्पर्म रिट्रीवल और एम्ब्रायोलॉजी के साथ-साथ करीबी क्लिनिकल मॉनिटरिंग की भूमिका को भी सामने लाता है।
डॉ. दीपिका मिश्रा, सेंटर हेड, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, वाराणसी, ने कहा, “हमारे सेंटर पर आने वाले कपल्स की प्रोफाइल में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब ऐसे अधिक कपल्स हमारे पास आ रहे हैं, जो पहले कहीं और ट्रीटमेंट ले चुके हैं और खासकर बार-बार आईवीएफ या इंप्लांटेशन फेलियर के बाद सेकंड ओपिनियन चाहते हैं। साथ ही, फर्टिलिटी को लेकर जागरूकता भी बढ़ रही है और कपल्स ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले अधिक सवाल पूछ रहे हैं। उम्र के साथ फर्टिलिटी में होने वाले बदलाव और पुरुषों से जुड़े फर्टिलिटी फैक्टर को लेकर अभी भी अधिक जागरूकता की जरूरत है। हमारा उद्देश्य कपल्स को उनकी कंडीशन की स्पष्ट जानकारी देना, उपलब्ध विकल्पों को समझाना और उनकी व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर सही फैसला लेने में मदद करना है।”
सेंटर पर आईवीएफ, आईसीएसआई (ICSI) और टीईएसए (TESA) के साथ आईयूआई (IUI), ओव्यूलेशन इंडक्शन और हिस्टेरोस्कोपी जैसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां फर्टिलिटी इवैल्यूएशन, डोनर प्रोग्राम और फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन की सुविधा भी दी जाती है। ऐसे कपल्स भी सेंटर से सलाह लेते हैं, जिन्हें बेसिक फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के बाद भी प्रेग्नेंसी नहीं हुई है और आगे एडवांस्ड ट्रीटमेंट की जरूरत है।
क्षेत्र में फर्टिलिटी को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी सेंटर के काम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, वाराणसी की ओर से कम्युनिटी अवेयरनेस कैंप और कपल एजुकेशन सेशन आयोजित किए जाते हैं। सेंटर के डॉक्टर स्थानीय गायनेकोलॉजिस्ट्स के साथ क्लिनिकल डिस्कशन और केस-बेस्ड इंटरैक्शन के जरिए भी जानकारी साझा करते हैं। डिजिटल अवेयरनेस इनिशिएटिव और इन-क्लिनिक काउंसलिंग के जरिए आईवीएफ, पुरुषों से जुड़े फर्टिलिटी फैक्टर और ट्रीटमेंट की सही टाइमलाइन को लेकर आम गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास किया जाता है।
वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में फर्टिलिटी केयर की पहुंच बढ़ने के साथ सेंटर का उद्देश्य कपल्स को उनके घर के करीब एडवांस्ड ट्रीटमेंट उपलब्ध कराना और उन्हें अपनी कंडीशन को बेहतर तरीके से समझने में मदद करना है। सेंटर जौनपुर, सिगरा, मिर्जापुर, आजमगढ़ और मुगलसराय जैसे आसपास के क्षेत्रों से आने वाले कपल्स को भी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है, ताकि वे अपनी फर्टिलिटी के बारे में अधिक जानकारी के साथ आगे के फैसले ले सकें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)