शादी की शहनाइयों से पहले गूंजी चीखें, राजकीय सम्मान के साथ हुआ दाह-संस्कार

बलिया के जाम गांव में सिपाही रंजीत मौर्या का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार। दम घुटने से हुई थी असमय मृत्यु।

Dec 30, 2025 - 20:24
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शादी की शहनाइयों से पहले गूंजी चीखें, राजकीय सम्मान के साथ हुआ दाह-संस्कार

रसड़ा (बलिया): नियति का क्रूर मजाक कहें या एक दुखद इत्तेफाक, जिस घर में मई 2026 में शादी की शहनाइयां गूंजनी थीं, वहां सोमवार की रात चीख-पुकार मच गई। आजमगढ़ में तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान रंजीत कुमार मौर्या (जाम गांव निवासी) का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, पूरा इलाका गमगीन हो गया।

ड्यूटी से लौटकर सोए थे, फिर नहीं जागे महज 28 दिसंबर को ड्यूटी खत्म कर रंजीत अपने कमरे में कोयले की अंगीठी जलाकर सोए थे। बंद कमरे में जहरीली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई। रंजीत अभी दो दिन पहले ही घर से छुट्टियां बिताकर ड्यूटी पर वापस लौटे थे। उनकी सगाई हो चुकी थी और पूरा परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इस हृदयविदारक घटना ने खुशियों को मातम में बदल दिया।

राजकीय सम्मान के साथ विदाई सोमवार रात 8:30 बजे आजमगढ़ पुलिस के वाहन से शव गांव पहुंचा। मां तेतरी देवी और बहन रेनू का करुण विलाप देख हर आंख नम थी। देर रात गांव के प्राचीन अंत्येष्टि स्थल पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई संजीव मौर्या ने मुखाग्नि दी। इस दौरान समाजसेवी जावेद अंसारी, धनंजय भारती सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अपने जांबाज सिपाही को अंतिम विदाई दी।

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