बलिदान की अमर गाथा: अवध कॉलेजिएट स्कूल के विद्यार्थियों ने चार साहिबज़ादों की वीरता को किया नमन
अवध कॉलेजिएट स्कूल में चार साहिबज़ादों की शहादत को नमन; विद्यार्थियों ने भाषण व कविताओं से दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
लखनऊ: वीरता, धर्मनिष्ठा और अटूट साहस के प्रतीक सिख इतिहास के चार साहिबज़ादों की शहादत को याद करते हुए 'अवध कॉलेजिएट स्कूल' की सभी शाखाओं में विशेष श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से नन्हे साहिबज़ादों—बाबा अजीत सिंह जी, बाबा जुझार सिंह जी, बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी—के महान बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीवंत हुआ इतिहास स्कूल परिसर में आयोजित इस विशेष दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए इतिहास के उन गौरवशाली पन्नों को पलटा गया। प्रार्थना सभा में साहिबज़ादों की वीरता के किस्से सुनाए गए, वहीं भाषण और कविता पाठ के दौरान विद्यार्थियों की वाणी में अटूट देशभक्ति का स्वर सुनाई दिया। चित्रकला एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी तूलिका के माध्यम से साहिबज़ादों के साहस को कैनवास पर उतारकर उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया।
प्रेरणा और मार्गदर्शन विद्यालय के प्रबंधक श्री सर्वजीत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि साहिबज़ादों का जीवन मात्र इतिहास नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की सबसे बड़ी प्रेरणा है। निदेशिका श्रीमती जतिंदर वालिया एवं संयुक्त निदेशिका डॉ. ब्रह्मजोत कौर ने भी बच्चों को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज की पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों से जुड़े रहना अनिवार्य है।
कार्यक्रम का उद्देश्य इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर साहस, नैतिकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करना था। स्कूल प्रशासन के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम छात्रों के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
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