भारत ने रिकॉर्ड समय में तैयार की स्वदेशी सॉल्युबल फर्टिलाइज़र तकनीक
चीन के प्रतिबंधों के बीच भारत ने नागपुर में सॉल्युबल फर्टिलाइज़र पायलट प्लांट शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया।
लखनऊ (ब्यूरो चीफ, आर एल पाण्डेय): वैश्विक उर्वरक बाजार में चीन द्वारा 2026 तक लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों के बीच भारत ने अपनी कृषि-शक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। नागपुर में 'सॉल्युबल फर्टिलाइज़र पायलट प्लांट' का प्रथम चरण सफलतापूर्वक शुरू हो गया है, जिसका उद्घाटन JNARDDC के निदेशक डॉ. अनुपम अग्निहोत्री ने किया।
रिकॉर्ड समय में बड़ी उपलब्धि खनन मंत्रालय के अधीन जेएनएआरडीडीसी (JNARDDC) और इशिता इंटरनेशनल के सहयोग से विकसित यह 'ग्रीन टेक्नोलॉजी' प्रोजेक्ट अपने निर्धारित समय से एक माह पूर्व ही पूरा कर लिया गया। यह प्लांट विशेष रूप से उन हाई-वैल्यू फॉस्फेट उर्वरकों के उत्पादन पर केंद्रित है, जिनके लिए भारत अब तक पूरी तरह आयात पर निर्भर था।
आत्मनिर्भरता की नई राह यह तकनीक न केवल विदेशी निर्भरता को समाप्त करेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर उर्वरकों की लागत में भी भारी कमी लाएगी। परियोजना के अगले चरण में बड़े पैमाने पर उत्पादन की योजना है, जिसमें देश की अग्रणी उर्वरक कंपनियां निवेश करने को तैयार हैं। यह लैब-टू-मार्केट मॉडल का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो भविष्य में रोजगार सृजन और तकनीकी विकास के नए द्वार खोलेगा।
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