रसड़ा: मकर संक्रांति पर गूँजा सामाजिक समरसता का स्वर, भारतीय संस्कृति को बताया जीवन का आधार

रसड़ा के बाबा रामदल कॉलेज में मकर संक्रांति पर सामाजिक समरसता का संदेश; प्रांत प्रचारक रमेश जी ने भारतीय संस्कृति को सराहा

Jan 16, 2026 - 21:52
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रसड़ा: मकर संक्रांति पर गूँजा सामाजिक समरसता का स्वर, भारतीय संस्कृति को बताया जीवन का आधार

रसड़ा (बलिया)। क्षेत्र के पकवाइनार स्थित बाबा रामदल सूरज देव पीजी कॉलेज के सभागार में गुरुवार को मकर संक्रांति का पर्व पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस भव्य समारोह में हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों, छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता कर सामाजिक एकता का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय त्योहार केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "तमाम विदेशी आक्रमणों के बावजूद यदि हमारी संस्कृति आज भी अडिग है, तो इसका श्रेय सामूहिक उत्सवों की हमारी अटूट परंपरा को जाता है। त्योहारों के माध्यम से ही समाज में हर्ष और एकता का संचार होता है।"

प्रांत प्रचारक ने सामाजिक समरसता पर विशेष बल देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन शबरी, जटायु और निषादराज के साथ उनके आत्मीय संबंधों के कारण समरस समाज का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने देश के युवाओं से भारतीयता के प्रति समर्पित होने का आह्वान किया और गुरुकुल आधारित शिक्षा पद्धति की आवश्यकता बताई।

समारोह की अध्यक्षता श्रीनाथ मठ पटना के महंत सत्यनारायण गिरी जी ने की। इस अवसर पर विभाग प्रचारक अंबेश जी, नवीन जी, जिला प्रचारक अनुपम जी, कॉलेज प्रबंधक मृगेंद्र बहादुर सिंह और सुभासपा के प्रदेश महासचिव शिवेंद्र बहादुर सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में खिचड़ी भोज के साथ आपसी भाईचारे का संदेश प्रसारित किया गया।

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