एआरएफ व ईएएस समिट: भारत ने उठाई आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस' और सप्लाई चेन सुरक्षा की मांग
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एआरएफ और ईएएस समिट में आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस और वैश्विक सप्लाई चेन सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने आतंकवाद की फंडिंग रोकने और 'मनीला प्लान ऑफ एक्शन' के तहत बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्लान के पांचों स्तंभ हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भारत के दृष्टिकोण के पूरी तरह अनुकूल हैं।
ईस्ट एशिया समिट में डॉ. जयशंकर ने वैश्विक अनिश्चितताओं और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान अस्थिरता के दौर में ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के पालन को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2026 को 'आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है।
समिट के इतर डॉ. जयशंकर ने क्वाड समकक्षों, चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और आसियान देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर भारत के कूटनीतिक रुख को और मजबूत किया।
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