पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से पहले प्रयागराज में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता किए गए नजरबंद
दिल्ली महाप्रदर्शन में शामिल होने जा रहे प्रयागराज कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद सहित कई नेताओं को पुलिस ने नजरबंद किया।
प्रयागराज: देश में पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर दिल्ली में आयोजित महाप्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस नेताओं पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। प्रयागराज में जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद समेत कई प्रमुख पदाधिकारियों को उनके आवासों पर 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया गया है।
दिल्ली कूच से ठीक पहले हुई इस पुलिसिया कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। नजरबंद किए गए जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद और अन्य नेताओं ने बयान जारी कर सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि लाठी और नजरबंदी जैसी कार्रवाइयों से युवाओं के न्याय की यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।
नेताओं को नजरबंद किए जाने की खबर मिलते ही स्थानीय कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन थाना प्रभारी बहरिया को सौंपा। ज्ञापन में नेताओं की तुरंत रिहाई और पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष देवराज उपाध्याय, साधुचरण तिवारी, महासचिव सुनील पांडे, डॉ. जगत नारायण सिंह, वाररूम प्रभारी सद्दाम हुसैन सिद्दीकी, ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह पटेल और विधानसभा प्रभारी निशा सिंह सहित कई नेताओं को हाउस अरेस्ट रखा गया, जबकि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित रहे।
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