'मनरेगा' के वजूद पर संकट, गरीबों को खत्म करने पर तुली है सरकार – अशफाक अहमद
प्रयागराज में कांग्रेस की 'मनरेगा बचाओ संग्राम चौपाल'। जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद ने डबल इंजन सरकार को गरीब विरोधी बताया।
प्रयागराज (आनंदी मेल ब्यूरो)। उतरांव के सरायबंसी में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित 'मनरेगा बचाओ संग्राम चौपाल' में केंद्र और प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार पर तीखा हमला बोला गया। चौपाल के मुख्य अतिथि और गंगापार जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार सुनियोजित तरीके से दलितों, पिछड़ों और मजदूरों के अधिकारों को कुचल रही है।
अशफाक अहमद ने संबोधित करते हुए कहा कि 2005 में कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण गरीबों के लिए 'महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना' (मनरेगा) जैसी क्रांतिकारी पहल की थी, जिससे गांवों में 100 दिन के रोजगार की संवैधानिक गारंटी मिली थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
"वर्तमान गोडसेवादी सरकार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से नफरत है। इसी नफरत के कारण न केवल योजना का नाम, बल्कि इसका पूरा संवैधानिक स्वरूप बदलकर मजदूरों का हक छीना जा रहा है।"
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने साफ किया कि पार्टी मनरेगा को उसके पुराने और सशक्त स्वरूप में बहाल कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गांव की चौपालों से शुरू हुई यह आवाज अब संसद के गलियारों तक गूंजेगी। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में व्याप्त रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार को विवश करेगी कि वह कीमतों में कटौती करे और आपूर्ति बहाल करे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राम प्यारे पाल और संचालन परवेज ताहिर ने किया। इस दौरान जिला महासचिव सुनील पाण्डेय, ब्लॉक अध्यक्ष लवकुश मिश्रा समेत भारी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से रितेश पासी, श्याम जी धुरिया, उमाकांत पाल और बड़ी संख्या में महिला शक्ति (लीलावती पाल, ऊषा देवी, रंजना देवी आदि) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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