NTPC Tanda में ‘साहित्य संगम’ का भव्य समापन: डालिम्स सनबीम में विद्यार्थियों ने नाटकों से मोहा मन
अंबेडकरनगर के एनटीपीसी टांडा स्थित डालिम्स प्रेक्षागृह में ‘साहित्य संगम’ का समापन हुआ। विद्यार्थियों ने ‘रीढ़ की हड्डी’ नाटक और महाभारत के मूक अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आनन्दी मेल संवाददाता
अम्बेडकरनगर : साहित्य, कला और रंगमंच के अद्भुत संगम का गवाह बना ‘साहित्य संगम’ का भव्य समापन समारोह। 27 अगस्त 2026 को एनटीपीसी परिसर स्थित डालिम्स सनबीम स्कूल के प्रेक्षागृह में यह आयोजन गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी साहित्यिक प्रतिभा, रंगमंचीय कौशल और रचनात्मकता से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुई। इसके बाद कक्षा 11 के विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध नाटककार जगदीशचंद्र माथुर की कृति ‘रीढ़ की हड्डी’ का जीवंत रूपांतरण प्रस्तुत कर सामाजिक रूढ़ियों पर कड़ा प्रहार किया। इसी क्रम में ‘कटघरे में हिन्दी’ विषय पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने भाषाई अस्मिता के सवाल उठाए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कक्षा 12 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत ‘महाभारत’ पर आधारित मूक अभिनय (Mime Play) रहा। बिना संवादों के, केवल भाव-भंगिमाओं और मूक संकेतों के जरिए छात्रों ने महाभारत के जीवन दर्शन को इतने प्रभावशाली ढंग से दर्शाया कि पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। वहीं नन्हे बच्चों की ‘शब्दावली परेड’ और कक्षा 8 के छात्रों के अंग्रेजी नाटक को भी खूब सराहा गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अमर उजाला के ब्यूरो चीफ प्रमन श्रीवास्तव मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त जरिया है। कार्यक्रम में डाली अरोड़ा, एनटीपीसी पीआरओ यश सोनकर और एचआर प्रतिनिधि विवेक श्रीवास्तव भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमित अरोड़ा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की कल्पनाशीलता और सांस्कृतिक चेतना को निखारते हैं।
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